'लव जिहाद' के लिए धन मुहैया कराने के आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने किया आत्मसमर्पण
इंदौर Indore। 'लव जिहाद' के लिए धन मुहैया कराने के आरोपों में फरार कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर की जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम उनकी संपत्ति जब्त होने से ठीक एक दिन पहले आया। पुलिस ने पहले ही करीब दो महीने से फरार पार्षद की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 40 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इससे पहले कादरी की बेटी आयशा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर है। पुलिस के अनुसार, शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून महीने में पूछताछ के दौरान स्वीकार किया था कि कादरी ने उन्हें लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए कुल 3 लाख रुपए दिए थे। दोनों युवकों को दो महिलाओं के साथ बलात्कार और अन्य अपराधों के आरोपों में अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले ने स्थानीय और राज्य स्तर पर ध्यान खींचा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अनवर कादरी के खिलाफ जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना से प्रभावित न हों और जांच प्रक्रिया का सम्मान करें। आत्मसमर्पण के बाद कादरी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ अब तक दर्ज सभी मामलों और आरोपों की गहन जांच की जाएगी। इस कदम से मामले में न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गंभीर आरोपों में आरोपी का फरार होना आम है, लेकिन आत्मसमर्पण से न केवल कानूनी प्रक्रिया में तेजी आती है, बल्कि आरोपी के खिलाफ साक्ष्य और जांच में सहयोग भी मिलता है। इस बीच, इंदौर पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों के बयान और प्रमाणों को ध्यान में रखते हुए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। कई लोग प्रशासन और पुलिस की तत्परता की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ नागरिक न्यायिक प्रक्रिया के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन की उम्मीद जता रहे हैं।