Bhopal भोपाल। दीपों का पर्व दिवाली इस बार मध्यप्रदेश में खास अंदाज में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में बच्चों के साथ दिवाली का पर्व मनाकर एक मानवीय उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम इदगाह हिल्स स्थित सिंधी कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने बच्चों संग दीप जलाए, मिठाइयां बांटीं और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि दिवाली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि “साझा खुशियों और सामाजिक एकता” का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ दीप जलाना नहीं, बल्कि हर घर और हर दिल में खुशियों की रोशनी फैलाना है। ये बच्चे हमारे भविष्य हैं, और इनके चेहरों पर मुस्कान ही हमारे समाज की सच्ची संपत्ति है।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनसे पढ़ाई तथा सपनों के बारे में पूछा। उन्होंने बच्चों को उपहार और मिठाइयां वितरित कीं। बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्वागत तालियों और गीतों के साथ किया। कार्यक्रम स्थल को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और दीपों से सजाया गया था, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाजसेवी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के जीवन में रोशनी लाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि “सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान मिले। दिवाली के इस अवसर पर हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि कोई भी बच्चा भूखा या निराश न रहे।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है, और मध्यप्रदेश उसी दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे त्योहारी सीजन में जरूरतमंदों की मदद करें और पर्यावरण-सुरक्षित दिवाली मनाएं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना भी की और बच्चों के साथ दीप जलाकर समरसता का संदेश दिया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सिंधी समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
वातावरण में उत्साह और अपनापन झलक रहा था। बच्चों ने दीपों से “जय श्रीराम” और “हैप्पी दिवाली” लिखकर रोशनी का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि समाज के सभी तबकों को एकजुट होकर प्रदेश को समृद्ध और शिक्षित बनाना होगा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना और दीपदान के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री और बच्चों ने एक साथ देश-प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की।