इंदौर में बिना वैध पंजीकरण चल रहा क्लिनिक सील

Update: 2026-08-05 04:50 GMT

इंदौर। मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इंदौर जिला स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी की निगरानी में चलाए गए विशेष अभियान के तहत खंडवा रोड स्थित जोशी कॉलोनी में संचालित ‘न्यू प्रियंका क्लिनिक’ को सील कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान पाया कि क्लिनिक का संचालन कथित रूप से तापस रॉय द्वारा किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि संचालक के पास न तो कोई वैध मेडिकल रजिस्ट्रेशन उपलब्ध था और न ही किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राप्त आवश्यक चिकित्सा योग्यता के दस्तावेज पाए गए। इसके बाद विभाग ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए क्लिनिक को बंद कर दिया।

जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान के तहत क्लिनिक पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, दस्तावेजों और चिकित्सा गतिविधियों की जांच की। जांच अधिकारियों ने पाया कि क्लिनिक में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए जरूरी नियमों और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में मरीजों के स्वास्थ्य को संभावित खतरा हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, चिकित्सा क्षेत्र में काम करने के लिए निर्धारित योग्यता, पंजीकरण और कानूनी अनुमति आवश्यक होती है। कोई भी व्यक्ति बिना वैध मेडिकल प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रेशन के मरीजों का इलाज करता है तो यह अनधिकृत चिकित्सा प्रैक्टिस की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि ‘न्यू प्रियंका क्लिनिक’ को सील करने का फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को केवल योग्य और पंजीकृत चिकित्सकों से ही उपचार मिले। बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा इलाज किए जाने से मरीजों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर निजी क्लिनिक, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की जांच करता रहता है। इस तरह की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि स्वास्थ्य संस्थान निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में चल रहे चिकित्सा संस्थानों की निगरानी लगातार जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सक के इलाज कराने से मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। कई बार गलत दवा, गलत जांच या गलत उपचार के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए चिकित्सा सेवाओं में पंजीकरण और योग्यता की जांच बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इलाज कराने से पहले चिकित्सक की डिग्री, पंजीकरण और क्लिनिक की वैधता की जानकारी जरूर लें। यदि किसी स्थान पर संदिग्ध तरीके से चिकित्सा सेवाएं संचालित होती दिखाई दें तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी जा सकती है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले में अनधिकृत चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे क्लिनिक या संस्थान जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही या नियमों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मरीजों के हितों की रक्षा के लिए जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

‘न्यू प्रियंका क्लिनिक’ पर हुई कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को परेशान करना नहीं, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

फिलहाल क्लिनिक को सील कर दिया गया है और विभाग आगे की जांच प्रक्रिया पूरी कर रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच में यदि अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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