Madhya Pradesh मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में आयोजित ‘आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन’ में आदिवासी क्षेत्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया। यह सम्मेलन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मेलन में कहा कि आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हमारे राज्य के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवा देने वाले डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ साहस, समर्पण और निष्ठा के प्रतीक हैं। उनकी मेहनत और योगदान के बिना आदिवासी समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं होता।
सम्मेलन में आदिवासी क्षेत्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान चिन्ह प्रदान किए गए। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि इन पेशेवरों के अनुभव और सुझावों के आधार पर नए स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने और मौजूदा सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में ‘आरोग्य सेवा संकल्प’ योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में मोबाइल हेल्थ वैन, विशेष चिकित्सा शिविर और टेलीमेडिसिन सुविधाओं का विस्तार शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाओं की सराहना केवल सम्मान देकर ही नहीं, बल्कि उनके कामकाज को और सुविधाजनक बनाकर भी की जा रही है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इसके तहत ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को आपातकालीन चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और संक्रामक रोग नियंत्रण के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। सम्मेलन में आदिवासी डॉक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए और सरकार से आग्रह किया कि उन्हें तकनीकी सहायता, उपकरण और नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि वे अपने इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बना सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान और पहचान से उनकी मेहनत को और प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक युवा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित होंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सुविधाओं को आदिवासी इलाकों तक पहुंचाने की योजना बना रही है। इसके लिए दूरदराज के क्षेत्रों में डायलिसिस, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, आपातकालीन सेवाओं और टीकाकरण कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य केवल डॉक्टरों को सम्मानित करना नहीं था, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के महत्व को जनता के सामने लाना और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी से पहले रोकथाम, जागरूकता और समुदाय के स्वास्थ्य को स्थायी बनाना होना चाहिए।
इस अवसर पर राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष वेतन भत्ता, प्रोत्साहन योजनाएं और पुरस्कार की व्यवस्था की जाएगी। सम्मेलन के अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे अपने समर्पण और सेवा भाव के साथ आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रखें।
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