भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित ‘CM यूथ कॉन्क्लेव-2026’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से पहुंचे युवाओं और विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, रिसर्च और तकनीकी नवाचार से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किया गया, जिसमें 20 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी की बात कही गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य के सभी जिलों के सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इस घोषणा से ऐसे विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। सरकार का उद्देश्य सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने रिसर्च स्कॉलर्स के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप को 16 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करना और रिसर्च गतिविधियों को मजबूत करना बताया गया है।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा और भविष्य की जरूरतों पर भी खास जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकारी कॉलेजों में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इन लैब के जरिए छात्रों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की योजना है। वर्तमान समय में AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। कॉन्क्लेव में इन उभरती तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं के नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ रुपये का ‘आइडिया फंड’ बनाए जाने की घोषणा भी की। इसका उद्देश्य युवाओं में इनोवेशन और नए विचारों को प्रोत्साहित करना है। इससे विद्यार्थियों, स्टार्टअप से जुड़े युवाओं और नवाचार पर काम करने वालों को अपने आइडिया को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत ‘मध्य प्रदेश-सेवा फर्स्ट-इनोवेशन चैलेंज’ के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत भी की। इसके जरिए युवाओं को शासन, सार्वजनिक सेवाओं और सामाजिक जरूरतों से जुड़ी समस्याओं के लिए नए समाधान प्रस्तुत करने का अवसर देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें उच्च शिक्षा, तकनीकी विकास, रोजगार, स्टार्टअप और नवाचार से जुड़ी विभिन्न पहलों को प्रदर्शित किया गया।
CM यूथ कॉन्क्लेव में 17 सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी रही। इसके अलावा 80 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जहां विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों और स्टार्टअप्स की ओर से अपनी योजनाओं, प्रोजेक्ट और तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार और रिसर्च से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा को लेकर भी अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में MPPSC की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अधिक अवसर मिल सकेंगे। इसके साथ ही राज्य में 12 नई यूनिवर्सिटी स्थापित करने की बात भी सामने आई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और नई तकनीकों से भी जोड़ना चाहती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि बदलते समय के साथ तकनीकी कौशल विकसित करना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भविष्य में बड़े अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा, नए विचारों और आकांक्षाओं को मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, AI नीति और करियर से जुड़े सवाल भी पूछे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर युवाओं से सीधे बातचीत की।
कार्यक्रम में स्टार्टअप और उद्यमिता को भी विशेष स्थान दिया गया। मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर और अन्य संस्थाओं की ओर से युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप से संबंधित जानकारी दी गई। सरकार की कोशिश है कि युवाओं को नए बिजनेस आइडिया विकसित करने, तकनीकी समाधान तैयार करने और रोजगार देने वाले उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
सीएम मोहन यादव ने यह भी कहा कि आने वाले समय में युवाओं से जुड़ी योजनाओं को और विस्तार दिया जाएगा। सरकार ने 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की बात कही है। इसके तहत शिक्षा, कौशल, रोजगार और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
कुल मिलाकर CM यूथ कॉन्क्लेव-2026 में सरकारी कॉलेजों में मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग, रिसर्च स्कॉलरशिप को 25 हजार रुपये करने, आधुनिक AI और एडवांस्ड कंप्यूटिंग लैब स्थापित करने और 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड बनाने जैसी घोषणाएं प्रमुख रहीं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ तकनीक, रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।