डॉक्टर को दिखाने पहुंचा था युवक, अचानक हाथ में फटा मोबाइल; क्लीनिक में मची अफरा-तफरी
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक निजी क्लीनिक के अंदर मोबाइल फोन में अचानक विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। डॉक्टर से परामर्श लेने पहुंचा एक युवक वेटिंग एरिया में बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसके मोबाइल फोन से अचानक धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते उसमें धमाका हो गया। विस्फोट के बाद मोबाइल से आग की लपटें उठने लगीं। घटना के समय क्लीनिक में अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे। अचानक हुए धमाके से वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, क्लीनिक के कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना रविवार, 1 नवंबर को ग्वालियर के थाटीपुर क्षेत्र में चौहान प्याऊ के पास स्थित दृष्टि क्लीनिक में हुई। यहां एक युवक डॉक्टर आशुतोष शर्मा से परामर्श लेने पहुंचा था। युवक अन्य मरीजों के साथ वेटिंग एरिया में बैठा हुआ था। अपनी बारी आने का इंतजार करते हुए वह मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। इसी बीच अचानक फोन में विस्फोट हो गया और आग लग गई। घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि आसपास बैठे लोगों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
मोबाइल में धमाका होते ही क्लीनिक के भीतर मौजूद मरीज घबरा गए। फोन से निकलती आग की लपटों और धुएं को देखकर कई लोग अपनी जगह से उठकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। मरीजों के साथ आए परिजनों में भी दहशत फैल गई। क्लीनिक में मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति संभालने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोबाइल फोन में अचानक आग लगने से कुछ देर के लिए वेटिंग एरिया में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। लोगों को डर था कि आग आसपास रखे सामान तक न पहुंच जाए। हालांकि, कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस समय मोबाइल में विस्फोट हुआ, उस दौरान क्लीनिक में छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं के साथ आए परिजन भी मौजूद थे। ऐसे में आग फैलने की स्थिति में गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। गनीमत रही कि किसी मरीज, बच्चे या कर्मचारी को चोट नहीं आई।
घटना के बाद क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। इसमें मोबाइल फोन में अचानक आग लगने और उसके बाद वहां मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया दिखाई दे रही है। फुटेज में देखा जा सकता है कि अचानक हुए धमाके से लोग घबरा जाते हैं और कर्मचारी तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आगे आते हैं। सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन में आग लगने के बाद क्लीनिक के कर्मचारियों ने पानी की सहायता से आग बुझाई। कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान किसी अन्य सामान में आग फैलने की सूचना नहीं है। हालांकि, घटना ने क्लीनिक जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा की तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि घटना के समय क्लीनिक में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं था। हालांकि, इस संबंध में क्लीनिक प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मोबाइल फोन में अचानक विस्फोट आखिर कैसे हुआ। क्या फोन की बैटरी में कोई तकनीकी खराबी थी या अत्यधिक गर्म होने के कारण आग लगी? फिलहाल इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। मोबाइल फोन किस कंपनी का था और वह कितने समय से इस्तेमाल किया जा रहा था, इसकी भी पुष्टि नहीं हो सकी है।
आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरी वाले उपकरणों में खराबी आने पर अत्यधिक गर्म होने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में बैटरी के भीतर तापमान तेजी से बढ़ने से आग लगने का खतरा भी रहता है। हालांकि, ग्वालियर की इस घटना को बैटरी की तकनीकी खराबी से जोड़ने के लिए विस्तृत जांच आवश्यक होगी।
तकनीकी विशेषज्ञ मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को सलाह देते हैं कि यदि फोन असामान्य रूप से गर्म होने लगे, बैटरी फूल जाए या उसमें से धुआं अथवा जलने जैसी गंध आने लगे तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। क्षतिग्रस्त बैटरी वाले मोबाइल को चार्ज करने से भी बचना चाहिए।
इसके अलावा फोन को लंबे समय तक अत्यधिक गर्म स्थान पर रखने, खराब चार्जर इस्तेमाल करने और बैटरी में खराबी होने के बावजूद उसका उपयोग जारी रखने से खतरा बढ़ सकता है। मोबाइल फोन में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या दिखाई देने पर अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराना बेहतर विकल्प है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि किसी मोबाइल फोन की बैटरी में आग लग जाए तो उसे हाथ में पकड़कर रखने या स्वयं खोलने का प्रयास नहीं करना चाहिए। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित कर्मचारियों अथवा अग्निशमन सहायता की मदद लेनी चाहिए। बैटरी से निकलने वाला धुआं भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
ग्वालियर की इस घटना ने अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को भी सामने लाया है। ऐसे स्थानों पर अक्सर बड़ी संख्या में मरीज, बुजुर्ग और छोटे बच्चे मौजूद रहते हैं। अचानक आग लगने की स्थिति में घबराहट के कारण भगदड़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
इसलिए चिकित्सा संस्थानों में अग्निशामक उपकरण, आपातकालीन निकास व्यवस्था और कर्मचारियों को आग बुझाने का प्रशिक्षण देना आवश्यक माना जाता है। समय पर उठाए गए कदम किसी छोटी घटना को बड़ी दुर्घटना बनने से रोक सकते हैं।
फिलहाल ग्वालियर के दृष्टि क्लीनिक में हुई इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। मोबाइल फोन में विस्फोट के बाद आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। घटना के सीसीटीवी फुटेज ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। वहीं, मोबाइल में विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगना अभी बाकी है।