Malappuram और कासरगोड में बच्चों से गलत काम के आरोप में दो भाई गिरफ्तार
Kerala केरल: मलप्पुरम और कासरगोड जिलों में धार्मिक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप में दो भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मलप्पुरम के कुरुम्बथुर मेलपाथुर निवासी मन्नंथरा मुहम्मद (40) और उसके भाई नौफाल (32) के रूप में हुई है। दोनों पर बच्चों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की थी।
पुलिस के अनुसार, कई बच्चों ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला सामने आया। शिकायत मिलने के बाद जैसे ही जांच आगे बढ़ी, दोनों आरोपी फरार हो गए और अलग-अलग राज्यों में छिपने लगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी मैंगलोर, बेंगलुरु, महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश में छिपते रहे और लगातार स्थान बदलते रहे ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें।
जांच में तेजी आने और पुलिस टीमों द्वारा दबाव बढ़ने के बाद दोनों आरोपी देश छोड़कर नेपाल भाग गए थे। इस दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस प्रमुख चैत्रा टेरेसा जॉन ने विशेष टीम गठित कर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश अभियान तेज कर दिया।
पुलिस ने नेपाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। दोनों देशों की पुलिस के संयुक्त प्रयासों के चलते आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और दबाव बढ़ने पर वे वापस भारत लौटने को मजबूर हुए। जैसे ही वे भारत पहुंचे, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं या किसी तरह की सहायता प्रदान की गई थी।
पुलिस ने बताया कि शिकायत करने वाले बच्चों के बयान को रिकॉर्ड कर लिया गया है और उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच टीम सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम कर रही है।
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीर मानते हुए धार्मिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जांच की जा रही है कि उन्होंने किन परिस्थितियों में बच्चों से संपर्क बनाया और इस पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।