Thrissur : जिले में राजनीतिक बदलाव, लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में बदले वोट समीकरण

Update: 2026-05-05 09:14 GMT

Kerala केरल: केरल के त्रिशूर जिले में राजनीतिक तस्वीर इस बार पूरी तरह बदलती दिखाई दी है। लोकसभा चुनाव में जहां इस जिले ने BJP को मजबूत समर्थन देकर ध्यान खींचा था, वहीं विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरी कहानी को उलट दिया है।

जानकारी के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में त्रिशूर सीट पर BJP ने मजबूत प्रदर्शन किया था और उस समय पार्टी को ईसाई समुदाय सहित कई वर्गों से समर्थन मिला था। उस चुनाव में अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी ने त्रिशूर से बड़ी जीत दर्ज की थी। राजनीतिक हलकों में उस समय यह भी चर्चा रही कि जिले में BJP ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, हालांकि विरोधियों ने वोटिंग प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठाए थे।

उस दौरान गुरुवायूर सीट को छोड़कर जिले की अधिकांश सीटों पर BJP को बढ़त मिली थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के ताजा नतीजों ने यह संकेत दिया है कि यह राजनीतिक रुझान स्थायी नहीं रहा।

विधानसभा चुनाव में जिले के 13 निर्वाचन क्षेत्रों में नतीजों की घोषणा तक मुकाबला बेहद करीबी रहा। कई सीटों पर आखिरी मिनट तक स्थिति बदलती रही। अंततः यह स्पष्ट हुआ कि ईसाई और मुस्लिम अल्पसंख्यक मतदाता इस बार बड़े पैमाने पर UDF के पक्ष में चले गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनालूर, कोडुंगल्लूर और गुरुवायूर जैसी सीटों पर अल्पसंख्यक वोटों का झुकाव UDF और LDF की ओर देखा गया। वहीं लोकसभा चुनाव में BJP को मिले समर्थन में इस बार गिरावट दर्ज की गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में जो वोट BJP को मिले थे, वे विधानसभा चुनाव में फिर से पारंपरिक सेक्युलर दलों की ओर लौटते दिखे हैं। यह बदलाव जिले के राजनीतिक संतुलन को फिर से UDF और LDF के पक्ष में करता नजर आ रहा है।

चुनाव नतीजों ने यह भी दिखाया कि त्रिशूर का मतदाता काफी जागरूक और मुद्दा-आधारित मतदान करने वाला है, जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर के चुनावों में अलग-अलग रुख अपनाता है।

कुल मिलाकर, त्रिशूर जिले के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यहां का राजनीतिक समीकरण स्थिर नहीं है और मतदाता हर चुनाव में नए फैसले लेते हैं।

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