Kerala केरल: केरल के मलप्पुरम जिले में इस साल फरवरी महीने में हुई एक बड़ी विस्फोटक सामग्री बरामदगी के मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, तिरुरंगडी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर बरामद किए थे। यह बरामदगी उस समय सामने आई जब स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि बरामद विस्फोटक सामग्री की मात्रा सामान्य से काफी अधिक थी, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की गई थी। हालांकि मामले की संवेदनशीलता और संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया गया। अब National Investigation Agency इस केस की जांच कर रही है।
NIA ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद किए गए विस्फोटक किस उद्देश्य से लाए गए थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इस मामले का संबंध किसी संगठित नेटवर्क या अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने बरामदगी स्थल से मिले सबूतों को फिर से खंगालना शुरू कर दिया है और डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जिन लोगों से पहले पूछताछ की गई थी, उन्हें भी दोबारा बुलाकर विस्तृत बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए लगातार सतर्क हैं। स्थानीय पुलिस भी NIA के साथ समन्वय में काम कर रही है ताकि जांच प्रक्रिया में कोई महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।
फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या संभावित साजिश से जुड़ा हो सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।