तिरुवनंतपुरम: निजी बस मालिकों ने मंगलवार को होने वाली हड़ताल वापस ले ली है। यह फैसला परिवहन मंत्री सीपी जॉन के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी। बातचीत के दौरान कई बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसमें सरकार द्वारा निजी बसों को लीज पर लेना और समय-समय पर बस के शेड्यूल में बदलाव करना शामिल है। हालांकि, बस किराया बढ़ाने या यात्रा रियायतों की दरों को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका।
हड़ताल समिति ने बताया कि KSRTC की 'प्रियदर्शनी' योजना लागू होने के कारण वे भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे कई बस मालिक कर्ज में फंस गए हैं। बस मालिकों की मुख्य मांग यह है कि KSRTC बसों में मिलने वाली मुफ्त यात्रा की सुविधा निजी बसों में सफर करने वाली महिलाओं को भी दी जाए, और इससे होने वाला आर्थिक बोझ सरकार उठाए। निजी बस क्षेत्र के नुकसान को दूर करने के लिए सरकार ने 2 सितंबर को एक विशेष आयोग का गठन किया था, जिसने कुछ सिफारिशें सौंपी हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक इन सिफारिशों को लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
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