तिरुवनंतपुरम। केरल में सितंबर की शुरुआत में ही मौसम का अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कमजोर रहने के बीच राज्य के कई हिस्सों में उमस और गर्मी बढ़ गई है। कोल्लम जिले के पुनालुर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सितंबर के शुरुआती दिनों के लिहाज से असामान्य माना जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को पुनालुर में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह वहां के सामान्य तापमान से करीब 4.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सितंबर के पहले सप्ताह में इतनी अधिक गर्मी ने मौसम विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है।
मॉनसून कमजोर, बढ़ी गर्मी और उमस
केरल में आमतौर पर सितंबर महीने में मॉनसून की सक्रियता बनी रहती है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। लेकिन इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने के कारण कई क्षेत्रों में बारिश में कमी देखी जा रही है।
बारिश कम होने और धूप तेज रहने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही हवा में नमी अधिक होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
पुनालुर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा तापमान
कोल्लम जिले का पुनालुर क्षेत्र गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन सितंबर के शुरुआती दिनों में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होना सामान्य से काफी ऊपर है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय तापमान का सामान्य स्तर इससे कम रहता है। ऐसे में सामान्य से 4 डिग्री से ज्यादा तापमान बढ़ना मौसम में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
लोगों की बढ़ी परेशानी
असामान्य गर्मी के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दिन के समय बाहर निकलने वाले लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।
कामकाजी लोगों, मजदूरों और किसानों को खास तौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग गर्मी से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सितंबर में आमतौर पर मौसम में थोड़ी राहत मिलने लगती है, लेकिन इस बार गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है।
मौसम विभाग की निगरानी जारी
मौसम विभाग राज्य के तापमान और बारिश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की कमजोर स्थिति और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने पर तापमान में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
जलवायु परिवर्तन का असर?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में इस तरह के बदलाव को लंबे समय के मौसम पैटर्न से जोड़कर भी देखा जा रहा है। देश के कई हिस्सों में मौसम के असामान्य बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
कभी ज्यादा बारिश तो कभी लंबे समय तक सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। तापमान में अचानक बढ़ोतरी भी इसी बदलते मौसम चक्र का हिस्सा हो सकती है।
किसानों पर भी पड़ सकता है असर
केरल में खेती बड़े पैमाने पर मौसम पर निर्भर करती है। तापमान बढ़ने और बारिश कम होने का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
किसानों को फसलों की सिंचाई और देखभाल में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां बारिश की कमी महसूस की जा रही है।
स्वास्थ्य को लेकर सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों ने गर्मी के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिक समय तक धूप में रहने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है।
बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।