केरल : मलप्पुरम जिले में भारी बारिश के बीच दो दर्दनाक हादसों में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। वंडूर और कोंडोट्टी इलाकों में धारा के तेज बहाव में बह जाने से तीन साल और चार साल के बच्चों की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
लगातार बारिश के कारण जिले की कई छोटी-बड़ी जलधाराओं में पानी का स्तर बढ़ गया है। तेज बहाव और जलभराव के बीच बच्चों के साथ हुए इन हादसों ने लोगों को सतर्क रहने की जरूरत की याद दिलाई है।
वंडूर में तीन साल के बच्चे की मौत
पहली घटना मलप्पुरम के वंडूर इलाके की है, जहां तीन साल के बच्चे अब्दुल मुहाइनी की धारा में बह जाने से मौत हो गई। बच्चा तिरुवल्ली के कंदमंगलम निवासी अब्दुल मुनीर का बेटा था।
जानकारी के अनुसार, अब्दुल मुनीर का परिवार अलाप्पुझा से अपनी मां के घर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आया था। शनिवार दोपहर के समय यह हादसा हुआ।
बताया गया कि भारी बारिश के कारण धारा में पानी का स्तर काफी बढ़ गया था और बहाव भी तेज था। इसी दौरान बच्चा पानी की चपेट में आ गया और बह गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बच्चे की तलाश में जुट गए। इसके बाद फायर फोर्स की टीम को भी बुलाया गया। काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद बच्चे को बरामद किया गया।
हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
तेज बहाव बना हादसे की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के कारण क्षेत्र की जलधाराओं में अचानक पानी बढ़ गया था। सामान्य दिनों में जिन स्थानों पर पानी का बहाव कम रहता है, वहां बारिश के दौरान स्थिति खतरनाक हो गई।
प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बारिश के मौसम में बच्चों को जलस्रोतों के पास जाने से रोकने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान छोटी धाराएं भी अचानक उफान पर आ सकती हैं और उनका तेज बहाव लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
कोंडोट्टी में चार साल के बच्चे की भी मौत
दूसरी दुखद घटना कोंडोट्टी इलाके में हुई, जहां चार साल के बच्चे एडम ऐमन की धारा में बहने से मौत हो गई।
एडम ऐमन मेलेपरंबा के मंगट्टुपरंबा निवासी अब्दुल हमीद और नदीरा का बेटा था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चा चलते समय अपना संतुलन खो बैठा और धारा में गिर गया। घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने धारा में बच्चे का शव तैरता हुआ देखा। उन्होंने तुरंत उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने में असमर्थता जताई।
दोनों घटनाओं से इलाके में शोक
दोनों हादसों ने मलप्पुरम जिले के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटे बच्चों की अचानक हुई मौत से गांवों में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में इलाके की धाराओं और नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों और आम लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के मौसम में सतर्कता की अपील
मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर बच्चों को नदी, नाले और तेज बहाव वाली धाराओं के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान जलस्रोतों के आसपास सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कई बार कम गहराई वाली धाराएं भी तेज बहाव के कारण खतरनाक साबित हो सकती हैं।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा
इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाली जगहों से दूरी बनाए रखें।
वंडूर और कोंडोट्टी की घटनाएं एक बार फिर यह संदेश देती हैं कि मानसून के दौरान छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। दोनों परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया, जिससे पूरे इलाके में दुख और चिंता का माहौल है।