कोच्चि: कोर्ट ने एर्नाकुलम महाराजा कॉलेज के पूर्व SFI नेता अभिमन्यु की हत्या के मामले में गुप्त सुनवाई (secret trial) न करने का फ़ैसला सुनाया है। एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें बंद दरवाज़ों के पीछे सुनवाई करने की मांग की गई थी। सुनवाई अगले महीने की 15 तारीख से शुरू होनी है।
आरोपियों ने मांग की थी कि पत्रकारों, आम जनता और रिश्तेदारों को कोर्टरूम में आने से रोका जाए। जज के.के. बालकृष्णन ने
अभियोजन
पक्ष की इस दलील को मानते हुए याचिका खारिज कर दी कि सुनवाई की रिपोर्टिंग करना मीडिया का अधिकार है। कैंपस फ्रंट और पॉपुलर फ्रंट के कार्यकर्ताओं (आरोपियों) ने बंद दरवाज़ों के पीछे सुनवाई की मांग को लेकर कोर्ट का रुख किया था। एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट में अगले महीने एक खुली सुनवाई (public trial) शुरू होने वाली है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सुनवाई चार महीने के भीतर पूरी कर ली जाए। महाराजा कॉलेज में केमिस्ट्री के दूसरे साल के छात्र और SFI यूनिट सेक्रेटरी अभिमन्यु (20) की 2 जुलाई, 2018 को कॉलेज हॉस्टल के पास चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 16 आरोपी—जो कैंपस फ्रंट, पॉपुलर फ्रंट और SDPI से जुड़े कार्यकर्ता हैं—सीधे तौर पर मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
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