नीलेश्वर : केरल के नीलेश्वर शहर में जर्जर इमारतों को गिराने को लेकर नगर परिषद का फैसला अभी लंबित ही था कि रविवार सुबह एक और पुरानी इमारत का हिस्सा गिर गया। बस स्टैंड के पूर्व में राजा रोड पर स्थित एक जर्जर भवन का अगला हिस्सा अचानक टूटकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि हादसा सुबह के समय हुआ और किसी व्यक्ति के इसकी चपेट में आने की सूचना नहीं मिली।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर इमारत का हिस्सा गिरा, वह शहर का व्यस्त इलाका है। यह सड़क केनरा बैंक के सामने स्थित है, जहां सामान्य दिनों में बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। अगर यह हादसा दिन के व्यस्त समय में होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इमारत लंबे समय से जर्जर हालत में थी और इसके गिरने की आशंका पहले से जताई जा रही थी। रविवार सुबह अचानक भवन का अगला हिस्सा कमजोर होकर टूट गया और मलबा सीधे सड़क पर गिर गया। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत वहां से हटकर अपनी जान बचाई।
नीलेश्वर शहर में कई ऐसी पुरानी और कमजोर इमारतें मौजूद हैं, जिनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। नगर परिषद ने पहले ही कुछ भवन मालिकों को नोटिस जारी कर इन जर्जर इमारतों को हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, कई भवन मालिकों ने अब तक कार्रवाई नहीं की है।
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, जर्जर इमारतों को गिराने का फैसला सुरक्षा कारणों से लिया जाना है, लेकिन प्रक्रिया में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं। भवन मालिकों की सहमति और कानूनी प्रक्रिया के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दुर्घटना को रोकना प्राथमिकता है, इसलिए जल्द कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है।
इससे पहले नगर परिषद के चेयरमैन ने जर्जर इमारतों की समस्या को लेकर भवन मालिकों को नोटिस भेजने और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने की पहल की थी। लेकिन बैठक में अंतिम निर्णय होने से पहले ही रविवार को पुरानी इमारत का हिस्सा गिर गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर में कई भवन ऐसे हैं जो वर्षों पुराने हैं और कभी भी गिर सकते हैं। खासकर मार्केट जंक्शन से रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क पर कई इमारतें खस्ताहाल स्थिति में हैं।
लोगों का कहना है कि इन भवनों के आसपास रोजाना बड़ी संख्या में नागरिकों की आवाजाही होती है। दुकानदार, राहगीर और वाहन चालक लगातार खतरे के बीच गुजरते हैं। उनका कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही कमजोर इमारतों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करना जरूरी है।
नगर परिषद अधिकारियों ने कहा है कि घटना के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और खतरे वाली इमारतों पर आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी जर्जर भवन के कारण जान-माल का नुकसान न हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने भवनों की समय-समय पर संरचनात्मक जांच जरूरी होती है। बारिश, नमी और लंबे समय तक रखरखाव न होने के कारण इमारतों की मजबूती प्रभावित हो सकती है। ऐसे भवनों की मरम्मत या उन्हें हटाने का फैसला समय रहते लेना आवश्यक होता है।
नीलेश्वर में पहले भी जर्जर इमारतों के हिस्से गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई बार लोग बाल-बाल बच गए हैं, जिससे इस समस्या की गंभीरता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को अब बिना देरी किए खतरनाक इमारतों की सूची तैयार कर कार्रवाई करनी चाहिए।
रविवार की घटना ने एक बार फिर शहर में पुरानी और कमजोर इमारतों की समस्या को उजागर कर दिया है। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना भविष्य में बड़े खतरे की चेतावनी मानी जा रही है।
अब सभी की नजर नगर परिषद की अगली कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही जर्जर इमारतों को लेकर ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी गंभीर हादसे को रोका जा सके।