हाईवे हादसों पर लगाम की तैयारी, यू-टर्न विवाद में जांच तेज

Update: 2026-07-28 09:43 GMT

तिरुवनंतपुरम : करमना-कलियाकाविला नेशनल हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए अधिकारियों ने दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पप्पानमकोड में श्रीरागम कल्याणमंडपम के पास स्थित यू-टर्न को लेकर उठे विवाद के बाद नेशनल हाईवे विभाग ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा की है।

मामले में केरल मानवाधिकार आयोग ने भी हस्तक्षेप किया है। आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस ने संबंधित शिकायत को स्वीकार करने का आदेश दिया है। यह शिकायत उन लोगों की ओर से की गई थी, जिनका आरोप है कि दुर्घटनाओं के बाद बंद किए गए यू-टर्न को बिना पर्याप्त चर्चा और स्थानीय लोगों से राय लिए दोबारा खोल दिया गया।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पप्पानमकोड के श्रीरागम कल्याणमंडपम के पास बना यू-टर्न पहले कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुका था। हादसों को देखते हुए इसे बंद कर दिया गया था, लेकिन बाद में सामान्य मरम्मत कार्य के बाद इसे फिर से चालू कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।

लोगों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच यू-टर्न का इस्तेमाल करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। उनका आरोप है कि यू-टर्न को हटाने या फिर से खोलने से पहले सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों की राय ली जानी चाहिए थी।

मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद अब इस मामले में संबंधित विभागों से जवाब मांगे जाने की संभावना है। आयोग यह देखेगा कि यू-टर्न से जुड़े फैसले में सड़क सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं और स्थानीय लोगों की शिकायतों पर किस स्तर तक विचार किया गया।

इस बीच नेशनल हाईवे विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों ने दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा उपायों का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके।

करमना-कलियाकाविला नेशनल हाईवे तिरुवनंतपुरम के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है और इस पर हर दिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। यातायात का दबाव अधिक होने के कारण कई स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर छोटे-छोटे सुधार और उचित यातायात प्रबंधन से हादसों में कमी लाई जा सकती है।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यू-टर्न जैसे स्थानों पर सही संकेतक, पर्याप्त रोशनी, गति नियंत्रण व्यवस्था और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए उचित डिजाइन बेहद जरूरी होते हैं। यदि इन बातों का ध्यान नहीं रखा जाए तो ऐसे स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन सकते हैं।

पप्पानमकोड के यू-टर्न को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर सड़क निर्माण और यातायात प्रबंधन में स्थानीय लोगों की भागीदारी के महत्व को सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि किसी भी बदलाव से पहले क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों और नियमित रूप से सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी स्थिति में यातायात को बाधित करना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हाईवे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

अब मानवाधिकार आयोग की सुनवाई और विभागीय समीक्षा के बाद यह तय होगा कि पप्पानमकोड के यू-टर्न को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया के जरिए ऐसा समाधान निकलेगा, जिससे यातायात भी सुचारु रहे और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो।

करमना-कलियाकाविला हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे इस मामले ने सड़क डिजाइन, प्रशासनिक फैसलों और जनसुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत को उजागर किया है।

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