कोच्चि: नेडुम्बसेरी में मिनी कूपर दुर्घटना मामले के मुख्य आरोपी सुहैल सजीव को अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। इस हादसे में तीन छात्रों की जान चली गई थी। एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत ने सह-आरोपियों - निनाव, जोएल और अमीर - की जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। यह हादसा 11 अक्टूबर को हुआ था। सुहैल द्वारा चलाई जा रही लग्जरी कार एक स्कूटर से टकरा गई, जिसमें इयास (22), के.वी. देविका (21) और एम.पी. गोपिका (22) की मौत हो गई। यह दुर्घटना एयरपोर्ट रोड पर अथाणी एयरपोर्ट सिग्नल जंक्शन के पास हुई थी।
14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद, आरोपियों ने जमानत के लिए जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, अदालत ने अभियोजन पक्ष और पुलिस की दलीलों को सही मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला लिया, क्योंकि आरोपी ने शराब के नशे में बहुत तेज रफ्तार से गाड़ी चलाई थी, जिससे तीन लोगों की जान चली गई। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को स्वीकार किया कि जमानत देने से समाज में एक गलत संदेश जाएगा।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों को जमानत देने से जांच पर बुरा असर पड़ सकता है और इस तरह के अपराध दोबारा होने को बढ़ावा मिल सकता है। जांच टीम ने भी अदालत को सूचित किया कि सुहैल सजीव के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। अभियोजन पक्ष ने बताया कि गाड़ी चलाते समय सुहैल नशे की हालत में था और उसके शरीर में शराब की मात्रा तय सीमा से दोगुनी से भी अधिक थी।
पुलिस ने तीसरे आरोपी जोएल का भेजा हुआ एक वॉयस मैसेज भी अदालत में पेश किया, जो मुख्य आरोपी 19 वर्षीय सुहैल को इस मामले से जोड़ता है। दुर्घटना वाले दिन सुबह 9:25 बजे एक दोस्त को भेजा गया यह मैसेज सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस मैसेज से पता चलता है कि शराब पीने के बाद गाड़ी चलाई गई थी।
वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि इसमें सुहैल की कोई गलती नहीं थी और शुरुआती हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद भी उसे जेल में रखना अनुचित है। अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।
इससे पहले अंगमाली मजिस्ट्रेट अदालत ने भी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। मजिस्ट्रेट अदालत से जमानत न मिलने के बाद, वे सत्र अदालत पहुंचे थे।
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