Kerala : कुट्टमस्सेरी के युवा किसान सिद्दीकी ने रामबुतान की 13 किस्मों की खेती से पेश की मिसाल
Kerala केरल: केरल के कुट्टमस्सेरी स्थित पल्लीनिलमवेटिल के सिद्दीकी नामक युवा किसान ने रामबुतान की लगभग 13 अलग-अलग किस्मों की खेती कर बागवानी के क्षेत्र में एक अनोखी मिसाल पेश की है। उनके द्वारा विकसित यह मिश्रित खेती मॉडल स्थानीय किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
कुट्टमस्सेरी में स्थित उनके ‘मन्नू’ नाम के खेत में उगाई गई रामबुतान की फसल अब पूरी तरह से कटाई के लिए तैयार है। बताया जा रहा है कि इस खेत में उगाई गई अधिकांश किस्में इस समय परिपक्व अवस्था में पहुंच चुकी हैं, जिससे पूरे बाग में रौनक बढ़ गई है।
रामबुतान का यह बाग अब रंग-बिरंगे दृश्य में बदल चुका है, जहां पेड़ों पर पीले, गहरे लाल और हल्के लाल रंग के फल एक साथ दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य न केवल आकर्षक है, बल्कि जैव विविधता और कृषि प्रयोगों की सफलता का भी उदाहरण माना जा रहा है।
सिद्दीकी केवल रामबुतान की खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके खेत में कई दुर्लभ फलों के पौधे भी लगाए गए हैं। कुट्टमस्सेरी की यह उपजाऊ मिट्टी अब विभिन्न प्रकार की फलदार फसलों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रही है।
जानकारी के अनुसार, सिद्दीकी सरकारी नौकरी में होने के बावजूद कृषि और प्रकृति संरक्षण के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। वे अपने सीमित समय में मिश्रित खेती को बढ़ावा देकर पर्यावरण संतुलन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को आगे बढ़ा रहे हैं।
उनकी यह पहल दिखाती है कि यदि सही योजना और लगन हो, तो पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक और विविध कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और आय दोनों हासिल की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिद्दीकी का बाग अब क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहां लोग विभिन्न प्रकार के फलों और खेती की नई तकनीकों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
कुल मिलाकर, कुट्टमस्सेरी के इस युवा किसान की पहल ने यह साबित किया है कि विविध फसलों की खेती और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर कृषि को एक नए स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।