Kerala केरल: अलुवा-परवूर रोड पर स्थित व्यस्त थट्टमपडी चौराहे पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या बारिश के मौसम में और अधिक गंभीर हो जाती है, जब सड़क और आसपास का पूरा क्षेत्र पानी से भर जाता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, चौराहे पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर बारिश में पानी जमा हो जाता है। स्थिति यह है कि दुकानों, सहकारी बैंक और अन्य प्रमुख संस्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ता है। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती है, बल्कि छोटे व्यापारियों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि लगभग दो साल पहले यहां स्थित एक नहर टूट गई थी। उस समय कहा गया था कि पानी के विपरीत दिशा में बहने के कारण नहर की संरचना कमजोर हो गई और वह टूट गई। इसके बाद से बारिश का पानी सही तरीके से निकल नहीं पा रहा है और पूरा जल प्रवाह चौराहे पर आकर रुक जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष मानसून में यह क्षेत्र जलभराव का केंद्र बन जाता है।

स्थिति इतनी गंभीर है कि परवूर की ओर जाने वाले केएसआरटीसी बस स्टॉप तक पहुंचने के लिए यात्रियों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाएं और स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन भी पानी में फंस जाते हैं, जिससे यातायात बाधित हो जाता है।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पास स्थित मछली बाजार का पानी भी इसी जलभराव में मिल जाता है, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। गंदा पानी और नाले का पानी एक साथ मिलकर पूरे चौराहे को दूषित कर देते हैं। इससे बदबू फैलने के साथ-साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में जलजनित बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। जब देश के कई हिस्सों में शिगेला जैसी जलजनित बीमारियाँ फैलने की खबरें सामने आती हैं, तब इस तरह के जलभराव वाले इलाके और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। गंदे पानी और सीवेज के मिश्रण से डायरिया, त्वचा संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि हर साल अस्थायी उपाय किए जाते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है।

व्यापारियों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। कई दुकानदारों को पानी के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर और जल निकासी व्यवस्था की तत्काल मरम्मत की जाए और स्थायी समाधान तैयार किया जाए, ताकि हर बारिश में इस समस्या का सामना न करना पड़े।

फिलहाल, थट्टमपडी चौराहा बारिश के मौसम में एक बड़ी समस्या का केंद्र बना हुआ है, जहां आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य जोखिम भी लगातार बढ़ रहा है।

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