Kerala केरल: इस बार मानसून ने अपने तय समय से पहले ही भारत में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने शनिवार सुबह दक्षिण भारत के प्रवेशद्वार केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है। वर्ष 2009 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून भारतीय उपमहाद्वीप में इतनी जल्दी पहुंचा है। तब भी मानसून 23 मई को केरल पहुंचा था।इस समय अरब सागर के पूर्वी मध्य भाग और दक्षिण कोंकण तट के पास एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो अब डिप्रेशन में बदल गया है।
यह सिस्टम शनिवार सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच दक्षिण कोंकण तट को पार कर सकता है। इसके प्रभाव से केरल में बारिश की गतिविधियां तेज होती देखी जा रही हैं।मौसम विभाग के अनुसार, जब 10 मई के बाद लगातार दो दिनों तक 14 विशेष स्टेशनों में से कम से कम 60% पर 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होती है, साथ ही हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिमी होती है और बादलों की मौजूदगी (OLR यानी आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन) कम होती है, तब मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा की जाती है।
इस बार ये सभी मापदंड पूरे हुए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि देशभर में सामान्य मानसून के लिए उत्तर-पश्चिम भारत में 'हीट लो' का बनना जरूरी है। यह हीट एरिया कम दबाव बनाता है जो मानसून को खींचता है। हालांकि इस समय यह सिस्टम नहीं बना है, फिर भी विशेषज्ञों की भविष्यवाणी सही साबित हुई और तय समय से पहले मानसून आ गया।