केरल : शहरों और ग्रामीण इलाकों में सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से पड़े निजी कंपनियों के केबल अब पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि ऑप्टिकल फाइबर और इंटरनेट केबल की अव्यवस्थित स्थिति के कारण कई बार दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस समस्या को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि विभिन्न टेलीकॉम और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा लगाए गए केबल अक्सर सड़क किनारे, फुटपाथों और सार्वजनिक रास्तों पर खुले पड़े रहते हैं। कई जगहों पर इन केबलों को ठीक तरीके से व्यवस्थित नहीं किया गया है, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष रूप से कॉरपोरेशन सीमा वाले क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर बताई जा रही है। व्यस्त सड़कों, बाजार क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में खुले पड़े केबल लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। कई जगहों पर पैदल चलने वाले लोग इन केबलों में उलझकर गिरने का खतरा झेल रहे हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह स्थिति खतरनाक बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इंटरनेट और केबल सेवाओं के विस्तार के साथ शहरों में बड़ी संख्या में नई लाइनें बिछाई गई हैं। हालांकि, कई कंपनियां काम पूरा करने के बाद केबलों को सही तरीके से नहीं हटातीं या व्यवस्थित नहीं करतीं। इसके कारण सड़क किनारे अव्यवस्था बनी रहती है।
लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निकाय और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उनका कहना है कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निजी कंपनियां सार्वजनिक स्थानों पर केबल बिछाने के बाद सुरक्षा मानकों का पालन करें।
सड़क सुरक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि खुले पड़े केबल केवल असुविधा नहीं हैं, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि पानी जमा होने और फिसलन के कारण लोगों के गिरने की संभावना अधिक हो जाती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर निगम और संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए। साथ ही, ऐसी कंपनियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जो नियमों का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर केबल छोड़ देती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार जरूरी है, लेकिन इसके लिए बुनियादी ढांचे का प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। केबल बिछाने के दौरान सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक रास्तों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
नगर प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि एक ओर लोगों को बेहतर इंटरनेट सुविधाएं उपलब्ध हों, वहीं दूसरी ओर इन सुविधाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला ढांचा नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा न बने। इसके लिए निजी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खुले पड़े केबलों को हटाने, उन्हें व्यवस्थित करने और जिम्मेदार कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
फिलहाल, शहर के कई हिस्सों में यह समस्या बनी हुई है और लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही इस पर ध्यान देंगे। डिजिटल नेटवर्क के विस्तार के साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।