Thiruvananthapuram तिरुवनंतपुरम। रविवार को केरल में व्यापक बारिश जारी रही, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। एहतियात के तौर पर नौ जिलों के जिला प्रशासन ने सोमवार को शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। राज्य के बड़े हिस्सों में बारिश जारी रहने के कारण कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड, मलप्पुरम, त्रिशूर, इडुक्की, कोट्टायम और पत्तनमथिट्टा के जिला प्रशासन ने घोषणा की कि सोमवार को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। यह फैसला मौजूदा मौसम और आगे बारिश की संभावना को देखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन के आदेशों के तहत यह छुट्टी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगी।
अधिकारियों ने छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें, क्योंकि बारिश और जमीनी स्थिति के आधार पर स्थानीय पाबंदियों में बदलाव किया जा सकता है। अलाप्पुझा जिले में प्रशासन ने उन स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए छुट्टी घोषित की है जो फिलहाल राहत शिविरों के रूप में काम कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित चेंगन्नूर और कुट्टनाड तालुकों में भी व्यापक बंद का आदेश दिया गया है, जहां सोमवार को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। चेंगन्नूर और कुट्टनाड में यह बंद स्कूलों, कॉलेजों, प्रोफेशनल कॉलेजों, आंगनवाड़ियों और ट्यूशन सेंटरों पर लागू होगा। लगातार मानसून बारिश के दौरान बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से ये दोनों तालुक सबसे संवेदनशील इलाकों में हैं।
रविवार को भी केरल के कई हिस्सों में बारिश होती रही, जिससे पहले से जलभराव और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में चिंता बढ़ गई है। अधिकारी नदी के जलस्तर और निचले व पहाड़ी इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि और बारिश से स्थानीय बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार के लिए केरल के सभी 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के अनुसार 24 घंटे में कुछ जगहों पर 7 से 11 सेमी तक बारिश हो सकती है।
अधिकारियों ने लोगों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। जलमग्न रास्तों से अनावश्यक यात्रा न करने और जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन प्राधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह भी दी गई है। राज्य में मानसून का यह दौर जारी रहने के कारण आपातकालीन और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं।