अलाप्पुझा। केरल के अलाप्पुझा जिले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने SBI की पूर्व संविदा सफाईकर्मी श्रीजा (38) को बैंक दस्तावेजों में हेराफेरी और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, श्रीजा पर दो करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे हिरासत में भेज दिया गया।
आत्महत्या के प्रयास के बाद अस्पताल में थी भर्ती
जानकारी के मुताबिक श्रीजा आत्महत्या के प्रयास के बाद कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रही थीं। 6 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा जांच पूरी करने के बाद आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ शुरू की गई है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
SBI कर्मचारी होने का दावा कर जमा कराए पैसे
पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रीजा SBI की कोट्टक्कल शाखा में एक ठेका एजेंसी के माध्यम से सफाईकर्मी के तौर पर काम करती थीं।
आरोप है कि उन्होंने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से पैसे जमा कराए। कथित तौर पर उन्होंने लोगों को अधिक ब्याज देने का भरोसा दिलाया और बैंक के नाम का इस्तेमाल कर रकम एकत्र की।
शिकायत के अनुसार, इस धोखाधड़ी में बैंक के दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल और जालसाजी भी शामिल है।
करीब 70 लोगों से ठगी का आरोप
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि करीब 70 लोग इस मामले से प्रभावित हुए हैं। आरोप है कि पीड़ितों से 2 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की रकम ली गई।
मामले का खुलासा होने के बाद SBI की शाखा प्रबंधन की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में बैंक दस्तावेजों की कथित जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में गबन से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गईं।
दस्तावेजों की जालसाजी में मदद करने वालों की तलाश
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित धोखाधड़ी में श्रीजा के अलावा और कौन लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जिन पर दस्तावेजों की जालसाजी में मदद करने का संदेह है। पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
घर की तलाशी में मिले अहम सबूत
पुलिस ने 5 सितंबर को श्रीजा के वरनाडु स्थित घर पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सबूत मिलने की बात सामने आई है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
मामले की जांच चेरथला के सब-इंस्पेक्टर बी. बाजित लाल और के. मधुसूदनन कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि धोखाधड़ी में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल आरोपी श्रीजा से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर जमा की गई रकम कहां इस्तेमाल की गई और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं।
आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।