केरल : सोने की तस्करी के लिए तस्कर आए दिन नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा है, जिस पर आरोप है कि वह सोने की तस्करी के लिए अपनी पत्नियों और बच्चों तक का इस्तेमाल करता था। आरोपी के पास से डायपर में छिपाकर रखा गया करीब 500 ग्राम सोना बरामद किया गया है।
मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह कब से इस तरह की तस्करी कर रहा था और उसके साथ इस नेटवर्क में कितने लोग जुड़े हुए हैं।
डायपर में छिपाकर ला रहा था सोना
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी फारूक ने सोने को छिपाने के लिए बच्चों के डायपर का इस्तेमाल किया था। अधिकारियों को शक होने के बाद जब सामान की जांच की गई तो डायपर के अंदर छिपाए गए सोने के पैकेट बरामद हुए।
बरामद सोने का वजन करीब 500 ग्राम बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, तस्कर अक्सर जांच से बचने के लिए ऐसे तरीके अपनाते हैं, जिससे सामान्य जांच में उन पर शक न हो।
परिवार को बनाया तस्करी का जरिया
जांच में सामने आया कि आरोपी फारूक कथित तौर पर तस्करी के लिए अपनी पत्नियों और बच्चों को भी साथ ले जाता था। एजेंसियों को शक है कि वह परिवार के सदस्यों को सुरक्षा कवच की तरह इस्तेमाल करता था ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बच सके।
अधिकारियों का कहना है कि कई बार तस्कर महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि सुरक्षा जांच में उन पर कम शक किया जाएगा।
एयरपोर्ट या सीमा पर पकड़ा गया नेटवर्क
सोने की तस्करी के मामलों में तस्कर अक्सर विदेशों से सोना लाकर भारत में अवैध तरीके से प्रवेश कराने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे शरीर, कपड़ों, बैग और अन्य सामान में सोना छिपाते हैं।
इस मामले में भी जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोना कहां से लाया गया था और इसे किसे पहुंचाया जाना था।
अधिकारियों को कैसे हुआ शक?
सुरक्षा एजेंसियां तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी रखती हैं। संदिग्ध गतिविधियों और यात्रा पैटर्न के आधार पर कई बार यात्रियों की जांच की जाती है।
फारूक के मामले में भी अधिकारियों को कुछ गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसकी और उसके साथ आए लोगों की जांच की गई। जांच के दौरान डायपर से सोना मिलने के बाद पूरा मामला सामने आया।
सोने की तस्करी में नए-नए तरीके
पिछले कुछ वर्षों में सोने की तस्करी के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें तस्करों ने बेहद अनोखे तरीके अपनाए।
कभी सोना कपड़ों में छिपाकर लाया जाता है, कभी इलेक्ट्रॉनिक सामान में छिपाया जाता है तो कभी शरीर के अंदर छिपाकर तस्करी की कोशिश की जाती है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और कड़ी निगरानी का इस्तेमाल कर रही हैं।
आर्थिक नुकसान पहुंचाती है तस्करी
सोने की तस्करी केवल कानून तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचता है। अवैध तरीके से सोना लाने से सरकार को मिलने वाला टैक्स प्रभावित होता है और काले धन के नेटवर्क को बढ़ावा मिलता है।
यही वजह है कि कस्टम विभाग और अन्य जांच एजेंसियां सोने की अवैध आवाजाही पर सख्ती बरतती हैं।
आरोपी से पूछताछ जारी
फारूक की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इससे पहले कितनी बार सोने की तस्करी की और किन लोगों की मदद ली।
परिवार के इस्तेमाल पर उठे सवाल
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने परिवार के सदस्यों को तस्करी में शामिल किया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परिवार के लोगों को पूरी जानकारी थी या नहीं।
अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
तस्करों के खिलाफ सख्ती
कस्टम और सुरक्षा एजेंसियां लगातार तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए भी काम कर रही हैं।