केरल को ‘अत्यधिक गरीबी मुक्त’ घोषित करना चुनावी नौटंकी: कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला
KERALA केरल। राज्य की राजनीति में उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया जब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केरल को “अत्यधिक गरीबी मुक्त राज्य” घोषित किया। इस घोषणा पर कांग्रेस नेता और वरिष्ठ विधायक रमेश चेन्निथला ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस कदम को “चुनावी नौटंकी” करार दिया और कहा कि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
रमेश चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने गरीबी खत्म करने के नाम पर सिर्फ आंकड़ों का खेल खेला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई हिस्सों में अब भी हजारों परिवार बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं। “मुख्यमंत्री को जनता को गुमराह करने के बजाय जमीनी सच्चाई दिखानी चाहिए। सिर्फ कागजों पर गरीबी खत्म करने से गरीबों का पेट नहीं भरता,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार राज्य में विकास योजनाओं की असफलता को छिपाने के लिए इस तरह के “राजनीतिक नाटकों” का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि कई जिलों में अब भी लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं।
चेन्निथला ने कहा कि केरल में गरीबी और बेरोजगारी की समस्या का समाधान “सतत नीति और पारदर्शी प्रशासन” से ही संभव है, न कि राजनीतिक प्रचार से। उन्होंने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में केरल की प्रगति उतनी उल्लेखनीय नहीं रही है जितनी सरकार दावा करती है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि राज्य अब “एक्सट्रीम पॉवर्टी-फ्री” बन गया है, और यह उपलब्धि “सामाजिक न्याय, शिक्षा, और जनकल्याण नीतियों” के कारण संभव हुई है। उन्होंने इसे जनता के सहयोग का नतीजा बताया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि यह घोषणा आगामी चुनावों से पहले जनता को प्रभावित करने के लिए की गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही सरकार से “गरीबी उन्मूलन” के दावे के समर्थन में विस्तृत डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है।