कोझिकोड: कोझिकोड ज़िले के पहाड़ी कृषि इलाक़े में तनाव लगातार बढ़ रहा है। CPM की थिरुवंबडी एरिया कमिटी ने प्रस्तावित 'इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया' (ESA) ड्राफ़्ट नोटिफ़िकेशन के विरोध में दिन-रात चलने वाले बड़े सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।

यह प्रदर्शन 28 सितंबर को शाम 4 बजे शुरू होगा और 29 सितंबर को सुबह 9 बजे थिरुवंबडी बस स्टैंड के पास खत्म होगा। इसका मकसद अधिकारियों पर दबाव बनाना है ताकि अंतिम पर्यावरणीय प्रतिबंधों के दायरे से इंसानी बस्तियों और खेती वाली ज़मीनों को पूरी तरह बाहर रखा जाए।

CPM थिरुवंबडी एरिया सेक्रेटरी वी.के. विनोद ने पहाड़ी इलाक़े में खेती करने वाले समुदाय की गंभीर परेशानी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने जन-विरोधी कदम उठाने के लिए केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की और केरल राज्य सरकार पर अपनी लगातार चुप्पी से उदासीनता दिखाने का आरोप लगाया।

विनोद ने कहा कि जहाँ प्रभावित दूसरे राज्यों की सरकारों ने अपने निवासियों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाए, वहीं राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये से मौजूदा ड्राफ़्ट नोटिफ़िकेशन के स्थायी कानून बनने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा होने पर पश्चिमी घाट क्षेत्र में रहने वाले हज़ारों स्थानीय परिवारों की ज़िंदगी, संपत्ति के अधिकार और आर्थिक आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा। ESA ड्राफ़्ट नोटिफ़िकेशन में थिरुवंबडी विधानसभा क्षेत्र के पुडुप्पाडी, नेल्लीपॉयिल, कोडेंचेरी और थिरुवंबडी गाँव शामिल हैं।

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