पथानामथिट्टा: केरल के पथानामथिट्टा जिले में ओणम समारोह के दौरान हिंसा और पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में पांडालम पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विजयपुरम में आयोजित ओणम कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा किया, समारोह देखने आए लोगों के साथ मारपीट की और स्थिति नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों पर चेन-सॉ से हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पांडालम क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ओणम समारोह के दौरान हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, यह घटना पिछले गुरुवार को विजयपुरम में आयोजित ओणम समारोह के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
आरोप है कि कुछ युवकों ने समारोह के दौरान हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों के साथ कथित रूप से मारपीट की और कार्यक्रम का माहौल खराब कर दिया।
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिसकर्मियों पर हमले का आरोप
पुलिस के मुताबिक, जब पांडालम पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हंगामा रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ भी हिंसक व्यवहार किया।
आरोप है कि हिंसा को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों पर चेन-सॉ से हमला किया गया। इस हमले में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घटना में पांडालम पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य अधिकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
तीन आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस ने मामले की जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में:
चेरिक्कल, मुप्पथारुविलायिल, पांडालम निवासी निखिल (25)
पुथेनवीटिल, नारियापुरम, वायालाकादावु, विलायिल, पथानामथिट्टा निवासी अनीश गोपालकृष्णन (25)
चेन्नेलिल, थेक्कडी, विजयपुरम, पांडालम निवासी प्रमोद मुरली (24)
शामिल हैं।
पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान कितने लोग शामिल थे और हिंसा की शुरुआत किस वजह से हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समारोह में आए लोगों में फैली थी दहशत
ओणम समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। ऐसे में अचानक हुई हिंसा से वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई थी। लोगों ने खुद को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा पर सवाल
ओणम जैसे बड़े त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। इस घटना के बाद आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
पुलिसकर्मियों पर हमला गंभीर अपराध
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जांच जारी
फिलहाल पांडालम पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के साथ-साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
ओणम समारोह के दौरान हुई इस हिंसक घटना ने इलाके में चर्चा पैदा कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।