तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित पेमेंट और हवाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराने का फैसला किया है। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस महानिदेशक (DGP) को सौंप दी है। गृह विभाग इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा।ED की ओर से लगाए गए आरोपों में केरल के विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और CPI(M) नेता तथा टी. वीना के पति पीए मुहम्मद रियास के नाम शामिल हैं। हालांकि संबंधित पक्ष आरोपों से इनकार करते रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से जांच का फैसला सामने आने के बाद इस मामले में राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां बढ़ गई हैं।
DGP तय करेंगे जांच का तरीका
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने मामले की जांच की जिम्मेदारी पहले ही DGP को सौंप दी है। उनके मुताबिक गृह विभाग जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करेगा और जांच किस तरीके से की जाएगी, इसका फैसला DGP करेंगे।चेन्निथला ने कहा कि DGP जांच की प्रक्रिया और उसके दायरे को तय करेंगे। इसका मतलब है कि पुलिस को उपलब्ध दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई का तरीका तय करना होगा।राज्य सरकार के आदेश के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामले में प्रारंभिक जांच होगी या अन्य कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
ED की रिपोर्ट के बाद सरकार का फैसला
यह घटनाक्रम ED की ओर से CMRL से जुड़े मामले में लगाए गए आरोपों के बाद सामने आया है। एजेंसी ने कथित वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान कुछ भुगतान और उनसे जुड़े लोगों को लेकर सवाल उठाए हैं।ED की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि CMRL और टी. वीना से जुड़ी कंपनी Exalogic Solutions के बीच हुए कुछ भुगतान वास्तविक सेवाओं के बदले नहीं थे। एजेंसी ने इन लेनदेन को कथित तौर पर रिश्वत और हवाला से जुड़े पहलुओं के साथ जोड़ा है।मामले में ED की जांच के निष्कर्षों और आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए राज्य पुलिस की जांच में उपलब्ध दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पिनाराई विजयन और परिवार के नाम
CMRL मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और उनके पति पीए मुहम्मद रियास के नाम ED की रिपोर्ट से जुड़े आरोपों में सामने आए हैं।टी. वीना की कंपनी Exalogic Solutions को CMRL से कथित तौर पर भुगतान किए जाने का मामला पहले से जांच के दायरे में है। ED ने इन भुगतानों की प्रकृति पर सवाल उठाए हैं।वहीं विजयन और उनके परिवार की ओर से पहले कहा गया है कि CMRL से मिली रकम पेशेवर सेवाओं के बदले भुगतान थी और लेनदेन बैंकिंग माध्यम से हुआ था। इसलिए अब राज्य पुलिस की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि ED द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन से दस्तावेज और वित्तीय साक्ष्य उपलब्ध हैं।
रियास ने भी आरोपों से किया इनकार
CPI(M) नेता और टी. वीना के पति मुहम्मद रियास ने भी अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। रियास ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और उन्हें किसी बात का डर नहीं है।उन्होंने मामले को लेकर कहा कि उन्हें सरकार द्वारा ED की रिपोर्ट के आधार पर जांच कराए जाने की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। रियास के मुताबिक वह पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।इससे पहले भी रियास ने ED के आरोपों पर सवाल उठाते हुए उन्हें खारिज किया था। ऐसे में अब राज्य सरकार की जांच शुरू होने के बाद उनके बयान और ED की रिपोर्ट में मौजूद दावों की तुलना भी महत्वपूर्ण होगी।
हवाला आरोपों की होगी जांच
सरकार ने जिस जांच का ऐलान किया है, उसमें ED की ओर से लगाए गए कथित हवाला लेनदेन के आरोप भी शामिल हैं। हवाला से जुड़े मामलों में वित्तीय लेनदेन के स्रोत, माध्यम और लाभार्थियों की भूमिका की जांच की जाती है।यदि पुलिस जांच शुरू होती है तो संबंधित बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों, कंपनियों के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध सामग्री की पड़ताल की जा सकती है। जांच के दौरान संबंधित लोगों से पूछताछ भी संभव है।हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि DGP जांच के लिए किस स्तर की टीम गठित करेंगे और जांच का औपचारिक स्वरूप क्या होगा। गृह विभाग के आदेश और DGP की ओर से जारी होने वाले निर्देशों के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच से क्या निकलेगा, इस पर नजर
राज्य सरकार के फैसले के बाद अब मामले की दिशा पुलिस जांच पर निर्भर करेगी। DGP यह तय करेंगे कि मामले में प्रारंभिक जांच पर्याप्त होगी या FIR दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की जाएगी। इसके अलावा जांच के लिए विशेष टीम गठित करने या किसी अन्य पुलिस इकाई को जिम्मेदारी देने का फैसला भी किया जा सकता है।जांच के दौरान यदि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सामग्री मिलती है तो कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
राजनीतिक रूप से भी अहम मामला
CMRL मामला केरल की राजनीति में पहले से चर्चा का विषय रहा है। अब राज्य सरकार द्वारा ED के आरोपों की जांच कराने के फैसले से राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। एक ओर ED की रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय आरोप लगाए गए हैं, जबकि दूसरी ओर पिनाराई विजयन के परिवार और मुहम्मद रियास की ओर से आरोपों को खारिज किया गया है।फिलहाल राज्य सरकार ने जांच की जिम्मेदारी DGP को सौंपने की घोषणा की है। गृह विभाग का आदेश जारी होने और DGP द्वारा जांच की प्रक्रिया तय किए जाने के बाद इस मामले में आगे की तस्वीर साफ होगी। जांच के निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि ED की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर राज्य स्तर पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।