Andol-पोटावूर रोड ब्रिज परियोजना लंबित, 30 करोड़ में निर्माण का प्रस्ताव
Kerala केरल: किनानूर-करिंथलम और कय्यूर-चीमेनी पंचायतों को जोड़ने वाले अंडोल-पोटावूर रोड ब्रिज का निर्माण लंबे समय से सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रहा है। प्रस्तावित ब्रिज तेजस्विनी नदी के पास स्थित होगा और इसकी लंबाई 250 मीटर तथा चौड़ाई 7.5 मीटर होगी। इससे जुड़े अप्रोच रोड और पैदल चलने वालों के लिए रास्तों का निर्माण भी योजना में शामिल है।
सामान्य मरम्मत और पुल विभाग ने इस परियोजना के लिए अनुमानित खर्च लगभग 30 करोड़ रुपये बताया है। विभाग ने सुपरिटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपकर तकनीकी विवरण और निर्माण संबंधी सभी आवश्यक जानकारियाँ उपलब्ध कराई हैं। रिपोर्ट में ब्रिज की संरचना, सड़क की चौड़ाई, पथरीली और पैदल मार्गों की योजना, तथा आसपास के जलस्रोतों और पर्यावरणीय प्रभावों का विवरण शामिल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, किनानूर-करिंथलम और कय्यूर-चीमेनी के बीच आवागमन के लिए वर्तमान में कोई स्थायी पुल नहीं है, जिससे लोगों को नदी पार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर मानसून के समय तेजस्विनी नदी में जलस्तर बढ़ जाने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। प्रस्तावित ब्रिज बनने के बाद दोनों पंचायतों के बीच आवागमन सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों ने भी परियोजना की सराहना की है। उनका कहना है कि नई सड़क और पुल से फलों, सब्जियों और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी और आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी। इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैदल रास्तों की सुविधा से सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
सुपरिटेंडिंग इंजीनियर ने बताया कि रिपोर्ट में ब्रिज की नींव, स्तंभों की स्थिति, ढांचे की मजबूती और नदियों के जलस्तर के अनुसार सुरक्षा उपायों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी मानक सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ब्रिज का निर्माण किया जाएगा और पर्यावरणीय प्रभाव का भी अध्ययन किया गया है।
चीफ इंजीनियर ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही परियोजना की तकनीकी और वित्तीय समीक्षा पूरी कर सरकार को मंजूरी के लिए सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि अनुमति मिलने के बाद निर्माण कार्य लगभग 12 से 18 महीने में पूरा किया जा सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े सड़क मार्गों का निर्माण भी प्राथमिकता से किया जाएगा, जिससे ब्रिज के खुलने के बाद यातायात में कोई रुकावट न हो। साथ ही, पैदल मार्गों और सुरक्षा बैरियर की व्यवस्था से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद न केवल पंचायतों के बीच संपर्क बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय विकास और आर्थिक गतिविधियों में भी इजाफा होगा। इससे क्षेत्रीय परिवहन सुगम होगा और लोगों का समय तथा यात्रा का खर्च कम होगा।
कुल मिलाकर अंडोल-पोटावूर रोड ब्रिज स्थानीय लोगों के लिए सुविधा और सुरक्षा दोनों का प्रतीक बनेगा, जबकि सरकारी मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ेगा।