कोच्चि। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच फंसे केरल के 36 सदस्यीय मलयाली यात्रियों के समूह ने मुश्किल हालातों का सामना करते हुए सुरक्षित वापसी की है। नेपाल में फंसे इस समूह ने करीब 100 किलोमीटर की कठिन यात्रा कर नेपाल सीमा पार की और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर हवाई अड्डे तक पहुंचे। इसके बाद अलग-अलग उड़ानों के जरिए वे अपने घर लौट सके।
आपदा के दौरान कई घंटों तक अनिश्चितता और डर के माहौल में रहने के बाद समूह के सदस्यों ने राहत की सांस ली। नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। इस दौरान कई पर्यटक और यात्री प्रभावित हुए थे।
बाढ़ के बीच शुरू किया सुरक्षित वापसी का सफर
जानकारी के मुताबिक, मलयाली यात्रियों का यह समूह नेपाल में मौजूद था, तभी अचानक आई बाढ़ ने उनके सामने मुश्किल हालात पैदा कर दिए। सड़कों और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ने के कारण उनके लिए वापस लौटना आसान नहीं था।
समूह के सदस्यों ने हिम्मत जुटाई और नेपाल सीमा की ओर बढ़ना शुरू किया। उन्होंने करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय की और आखिरकार नेपाल से बाहर निकलने में सफल रहे।
सीमा पार करने के बाद वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचे, जहां से उनकी आगे की यात्रा आसान हुई।
गोरखपुर से अलग-अलग उड़ानों से लौटे यात्री
गोरखपुर हवाई अड्डे पहुंचने के बाद समूह के सदस्यों को अलग-अलग उड़ानों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा गया। कई यात्रियों ने हवाई मार्ग से अपने घरों की यात्रा पूरी की।
इस दौरान कासरगोड जिले के पांच लोग पहले बेंगलुरु पहुंचे। इसके बाद वे ट्रेन के माध्यम से अपने घर लौटे।
सुरक्षित घर पहुंचने के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने बताया कि नेपाल में बाढ़ की खबर मिलने के बाद वे लगातार चिंता में थे और यात्रियों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे थे।
कासरगोड समूह में ये लोग थे शामिल
कासरगोड से जुड़े पांच यात्रियों में पेरिया पॉलिटेक्निक के शिक्षक और चेरुवथुर निवासी राजन शामिल थे। उनके साथ शिक्षक अनिल नीलांबरी, पूर्व पुलिस उपनिरीक्षक (SI) प्रदीप कुमार, केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) के पूर्व अधिकारी करुणाकरन और मुझाकोय निवासी राजीव भी शामिल थे।
सभी यात्रियों ने नेपाल में फंसे रहने के दौरान सामने आई चुनौतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई थी और सुरक्षित निकलना बड़ी चुनौती बन गया था।
परिवारों में लौट आई खुशी
यात्रियों के सुरक्षित लौटने की खबर मिलते ही उनके परिवारों में खुशी का माहौल बन गया। कई परिवारों ने बताया कि नेपाल में बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद वे लगातार प्रशासन और संबंधित लोगों से संपर्क में थे।
परिजनों ने यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद करने वाले लोगों और अधिकारियों का आभार जताया।
नेपाल में बाढ़ से मची थी तबाही
नेपाल में हाल के दिनों में अचानक आई बाढ़ ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। तेज बारिश और नदी के जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर रास्ते बंद हो गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने में परेशानी हुई।
प्राकृतिक आपदा के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और यात्रियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर बचाव और राहत अभियान चलाए गए।
यात्रियों ने बताया आपबीती
वापस लौटे यात्रियों ने बताया कि आपदा के समय सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित रास्ता तलाशना थी। लगातार बदलते हालात के बीच उन्होंने एक-दूसरे का साथ बनाए रखा और धीरे-धीरे सीमा की ओर बढ़े।
उन्होंने कहा कि नेपाल से बाहर निकलने के बाद गोरखपुर पहुंचना उनके लिए राहत भरा पल था। वहां से घर लौटने की व्यवस्था होने के बाद उनकी चिंता कम हुई।
आपदा में संयम और हिम्मत से मिली सफलता
मलयाली यात्रियों के इस समूह की सुरक्षित वापसी यह दिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और सही निर्णय कितने महत्वपूर्ण होते हैं। बाढ़ जैसी आपदा के बीच समूह ने एकजुटता बनाए रखी और सुरक्षित अपने परिवारों तक पहुंचने में कामयाब रहा।
फिलहाल सभी यात्री अपने घर पहुंच चुके हैं और परिवारों के साथ समय बिता रहे हैं। नेपाल बाढ़ से प्रभावित अन्य लोगों के लिए भी राहत और बचाव कार्य जारी हैं।