तिरुवनंतपुरम: जल्द ही, केरल में प्लानिंग के पारंपरिक तरीकों में बड़ा बदलाव आ सकता है। राज्य प्लानिंग बोर्ड विकास के कामों में नए नज़रिए को शामिल करने के लिए 'जेन ज़ेड' (Gen Z) एंटरप्रेन्योर और प्रोफेशनल्स को प्लानिंग प्रोसेस का हिस्सा बनाने जा रहा है।
देश में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही इस कोशिश का मकसद 2027-2032 के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना बनाते समय राज्य के विकास में युवाओं की आवाज़ को अहमियत देना है। उनके सुझाव लेना, उनके नज़रिए को समझना और उनकी ज़रूरतों को शामिल करना इस एजेंडे का हिस्सा होगा।
प्लानिंग बोर्ड के मुताबिक, अलग-अलग सेक्टर पर काम करने के लिए बनाए गए वर्किंग ग्रुप्स में युवाओं को शामिल किया जाएगा। कुल 40 वर्किंग ग्रुप्स में से, जितने ग्रुप्स के लिए योग्य युवा मिल सकेंगे, उनमें युवा प्रोफेशनल्स को शामिल किया जाएगा।
प्लानिंग बोर्ड के सदस्य जी. विजया राघवन ने TNIE को बताया, "जो युवा पहले ही अलग-अलग सेक्टर में अच्छा काम कर चुके हैं — जैसे डॉक्टर, टीचर, एंटरप्रेन्योर वगैरह — उन्हें संबंधित वर्किंग ग्रुप्स में शामिल किया जाएगा। इसके लिए सिलेक्शन प्रोसेस शुरू हो चुका है, जिसमें विज्ञापन देने के बजाय प्रोफेशनल्स की पहचान करके उनसे संपर्क किया जा रहा है।"