तिरुवनंतपुरम: सोमवार को 16वीं केरल विधानसभा के दूसरे सत्र के पहले दिन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से आग्रह करने वाला प्रस्ताव मुख्य आकर्षण होगा। यह प्रस्ताव विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन पेश करेंगे।

इस प्रस्ताव में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी योग्य वोटरों के नाम फिर से जोड़ने और चुनाव आयुक्तों को चुनने वाली समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को वापस शामिल करने की मांग की गई है। रविवार को जारी विधानसभा बुलेटिन में इस प्रस्ताव को नियम 118 के तहत सूचीबद्ध किया गया।

 प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि SIR के दौरान बिना किसी स्पष्ट मानदंड या पूर्व सूचना के लाखों योग्य नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। इसमें कहा गया है कि तकनीकी गड़बड़ियों और खामियों के कारण हाशिए पर रहने वाले वर्गों, अल्पसंख्यकों, प्रवासी श्रमिकों और युवा वोटरों के वोटिंग अधिकार छिन गए, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है।

मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए, इसमें आरोप लगाया गया है कि रिविजन के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर ने इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की शक्तियों को दरकिनार कर दिया। इसमें चुनाव आयोग के अधिकांश सदस्यों की असहमति के बावजूद 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' का उल्लंघन करते हुए फॉर्म 6 में बदलाव की खबरों को "गंभीर" बताया गया है।

सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष और सत्ता पक्ष कई मुद्दों पर आमने-सामने होंगे। विपक्ष द्वारा मंत्रियों की विदेश यात्राओं, बिजली संकट, सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी, PM SHRI विवाद और UDF संयोजक व मुख्यमंत्री के बीच मतभेद जैसे मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।

 ग्लोबली रेगुलेटेड, हाई-परफ़ॉर्मेंस प्लेटफ़ॉर्म पर ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क में ट्रेड करें। अल्ट्रा-फ़ास्ट एक्ज़ीक्यूशन और 1:500 तक का लेवरेज पाएं। सिक्योरिटीज़ में ट्रेडिंग में काफ़ी जोखिम होता है।

 

Tags: