बेंगलुरु। बेंगलुरु में उधार लिए गए पैसे की किस्त नहीं चुका पाने पर एक महिला को कथित तौर पर घर बुलाकर पीटने, घसीटने और उसका वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देने का मामला सामने आया है। चंद्र लेआउट पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेशमा बानू, नजात और सुहेल के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के साथ हुई घटना में तीनों की क्या-क्या भूमिका थी।
पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला और आरोपी रेशमा बानू एक-दूसरे को पहले से जानते थे। करीब दो साल पहले महिला ने रेशमा से एक लाख रुपये उधार लिए थे। इसी दौरान रेशमा के जरिए उसकी पहचान नजात नाम की महिला से हुई। शिकायत के मुताबिक बाद में पीड़िता ने नजात से भी 50 हजार रुपये का लोन लिया था।
हर महीने देती थी पांच हजार रुपये की किस्त
पुलिस के मुताबिक नजात से 50 हजार रुपये लेने के बाद पीड़ित महिला उसे हर महीने पांच हजार रुपये की किस्त दे रही थी। कुछ समय तक उसने नियमित रूप से भुगतान किया, लेकिन बाद में निजी कारणों से उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।
आरोप है कि पिछले छह महीनों से महिला किस्त की रकम नहीं दे पा रही थी। भुगतान रुकने के बाद नजात लगातार उससे संपर्क करने की कोशिश कर रही थी।
शिकायत में बताया गया कि बार-बार फोन आने से परेशान होकर महिला ने नजात का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया।
घर छोड़कर मां के पास रहने चली गई थी महिला
लगातार संपर्क और पैसों को लेकर चल रहे विवाद के बीच पीड़ित महिला अपना घर छोड़कर अपनी मां के घर रहने चली गई थी। पुलिस के मुताबिक इसके बाद भी आरोपी पक्ष उससे संपर्क करने की कोशिश करता रहा।
महिला द्वारा मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाने के कारण फोन पर सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा था। आरोप है कि इसके बाद महिला को किसी दूसरे बहाने से बुलाने की योजना बनाई गई।
शिकायत के अनुसार नजात ने पीड़िता से संपर्क कर उसे बताया कि उसके लिए नौकरी का इंतजाम हो गया है। उसे कथित तौर पर यह भी भरोसा दिलाया गया कि नौकरी मिलने से उसे पैसे मिलेंगे और उसकी आर्थिक परेशानी कम हो सकेगी।
नौकरी दिलाने का झांसा देकर घर बुलाया
नौकरी मिलने की बात सुनकर पीड़ित महिला कथित तौर पर नजात के बताए स्थान पर पहुंची। महिला को उम्मीद थी कि उसे रोजगार से संबंधित जानकारी दी जाएगी। लेकिन शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां पहुंचने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई।
महिला का आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई। उसे कथित तौर पर घसीटा गया और लोन की बकाया रकम को लेकर दबाव बनाया गया।
घटना के दौरान वहां कौन-कौन मौजूद था और किस आरोपी ने महिला के साथ क्या किया, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की समयरेखा तैयार की जा रही है।
वीडियो लीक करने की धमकी का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोपों में महिला का वीडियो लीक करने की धमकी देना भी शामिल है। शिकायत के अनुसार महिला पर बकाया रकम चुकाने का दबाव बनाने के लिए उसका वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया था और उसमें क्या रिकॉर्ड किया गया। यह भी जांच का विषय है कि क्या वीडियो किसी अन्य व्यक्ति को भेजा गया या सोशल मीडिया पर साझा किया गया था।
मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
चंद्र लेआउट पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की और रेशमा बानू, नजात तथा सुहेल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर सकती है कि उधार दिए गए पैसों को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या शर्तें तय हुई थीं। इसके अलावा महिला द्वारा अब तक कितनी रकम लौटाई गई और कितनी रकम बकाया थी, इससे जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
मारपीट और जबरन वसूली के आरोपों की जांच
किसी व्यक्ति से उधार की रकम वापस मांगना अलग मामला है, लेकिन उसके लिए हिंसा, धमकी या जबरदस्ती किए जाने के आरोप सामने आने पर आपराधिक जांच की आवश्यकता होती है।
पुलिस पीड़िता के आरोपों की पुष्टि के लिए मेडिकल रिकॉर्ड, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और संदेशों की जांच कर सकती है।
यदि महिला को नौकरी के बहाने बुलाने से संबंधित कोई मैसेज या कॉल रिकॉर्ड मौजूद है तो वह भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।
पुलिस खंगाल रही पूरे घटनाक्रम की कड़ियां
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि महिला को कथित तौर पर बुलाने से लेकर उसके साथ मारपीट और वीडियो बनाने तक की घटना पहले से बनाई गई किसी योजना का हिस्सा थी या विवाद के दौरान अचानक हालात बिगड़े।
तीनों गिरफ्तार आरोपियों की अलग-अलग भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा यह जांच भी महत्वपूर्ण होगी कि क्या आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी कर्ज की वसूली के लिए इस तरह का तरीका अपनाया था।
फिलहाल चंद्र लेआउट पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। पीड़ित महिला की शिकायत और उपलब्ध डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।