Karnataka कर्नाटक। इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी टी.वी. मोहनदास पई ने नई पीढ़ी की बौद्धिक क्षमता को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई हालिया वैश्विक अध्ययनों में संकेत मिला है कि वर्तमान युवा पीढ़ी, पिछली पीढ़ियों की तुलना में, कम बौद्धिक रूप से तीक्ष्ण हो सकती है।
पई ने अपने बयान में कहा कि इतिहास में यह पहली बार देखा जा रहा है जब युवा पीढ़ी की संज्ञानात्मक क्षमताओं में संभावित गिरावट की बात सामने आ रही है। उनके अनुसार, विभिन्न रिसर्च रिपोर्ट्स में यह ट्रेंड उभरकर आया है कि सीखने, समस्या-समाधान और विश्लेषणात्मक कौशल में चुनौतियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने इस प्रवृत्ति के पीछे बदलती जीवनशैली, डिजिटल निर्भरता, और शिक्षा पद्धतियों में बदलाव जैसे कारकों पर विचार करने की जरूरत बताई। पई ने कहा कि इस विषय पर गंभीर विमर्श और नीति-स्तर पर सुधार आवश्यक हैं ताकि युवाओं की क्षमताओं को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सके।
पई का यह बयान शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर संतुलित चर्चा और तथ्य-आधारित विश्लेषण जरूरी है, जिससे शिक्षा प्रणाली और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयानुकूल बनाया जा सके।
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