Karnataka कर्नाटक। राज्य के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने रविवार को साफ किया कि कांग्रेस हाईकमान ने प्रस्तावित दलित सम्मेलन (Dalit Convention) पर कोई रोक नहीं लगाई है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का आयोजन तय समय पर किया जाएगा और पार्टी सामाजिक न्याय के एजेंडे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा, “हाईकमान ने दलित सम्मेलन को रोकने का कोई निर्देश नहीं दिया है। जब सही समय आएगा, हम इसे करेंगे। फिलहाल, हमें विकास के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। आप मुझसे तुमकुरु के विकास के बारे में सवाल करें, यही अधिक जरूरी है।”
यह बयान उस वक्त आया है जब बीते कुछ दिनों से कर्नाटक में चर्चा थी कि कांग्रेस हाईकमान ने राज्य में दलित सम्मेलन को लेकर आपत्ति जताई है और इसे फिलहाल स्थगित करने को कहा है। विपक्षी दलों ने दावा किया था कि पार्टी में दलित नेतृत्व को दरकिनार किया जा रहा है। परमेश्वर ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में हर वर्ग का सम्मान होता है। “दलित समाज के योगदान के बिना कांग्रेस का इतिहास अधूरा है। हमारे सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाना है,” उन्होंने कहा।  
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों को प्राथमिकता दे रही है। “हम कानून व्यवस्था मजबूत करने, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। तुमकुरु और आस-पास के जिलों में सड़क, सिंचाई और औद्योगिक परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है,” उन्होंने जोड़ा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा दलित समाज के नाम पर केवल राजनीति करती है। “भाजपा ने कभी दलितों को सशक्त करने के लिए वास्तविक कदम नहीं उठाए। कांग्रेस ने हमेशा सामाजिक न्याय और समानता को प्राथमिकता दी है,” परमेश्वर ने कहा।   
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कर्नाटक में दलित सम्मेलन को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद की खबरें पार्टी नेतृत्व के लिए संवेदनशील मुद्दा बन गई थीं। डॉ. परमेश्वर का बयान इन अटकलों को शांत करने और दलित समुदाय को यह संदेश देने की कोशिश है कि पार्टी उनके साथ है। इस बीच, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता यह भी संकेत दे चुके हैं कि दलित सम्मेलन न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक होगा बल्कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए रणनीतिक मंच भी साबित हो सकता है।
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