NEET री-एग्जाम के नतीजों पर छात्रों की नाराजगी, स्कोर कम आने का लगाया आरोप

Update: 2026-07-18 05:17 GMT

Karnataka कर्नाटक : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से गुरुवार देर रात NEET री-एग्जामिनेशन के नतीजे जारी किए जाने के बाद कई छात्रों ने असंतोष जताया है। छात्रों का कहना है कि दोबारा आयोजित परीक्षा के परिणाम उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं आए हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि उनके अंक उस परीक्षा की आंसर की के मुकाबले कम हैं, जिसे प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया था।

NEET री-एग्जाम को लेकर पहले से ही छात्रों और अभिभावकों के बीच काफी चर्चा थी। परीक्षा में शामिल हुए विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने दोबारा परीक्षा में भी पूरी मेहनत के साथ भाग लिया, लेकिन परिणाम आने के बाद उन्हें अपने प्रदर्शन और प्राप्त अंकों को लेकर निराशा हुई है।

छात्रों के अनुसार, रद्द की गई परीक्षा के दौरान जारी आंसर की के आधार पर उन्होंने अपने संभावित अंकों का अनुमान लगाया था। लेकिन री-एग्जाम के नतीजों में कई छात्रों के अंक उम्मीद से कम आए हैं। इस कारण कुछ अभ्यर्थियों ने NTA की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की मांग की है।

NEET कर्नाटक टॉपर वैष्णवी दास, जो जेपी नगर स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल की छात्रा हैं, ने भी री-एग्जाम के परिणाम को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणाम उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि NEET स्कोर के आधार पर देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है।

विद्यार्थियों ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में हर अंक महत्वपूर्ण होता है। कुछ अंकों का अंतर भी रैंक और कॉलेज चयन पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में यदि मूल्यांकन को लेकर कोई संदेह पैदा होता है तो छात्रों को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।

गौरतलब है कि NEET परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलता है।

परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों के बाद कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। प्रश्नपत्र लीक से जुड़े विवाद के बाद NTA ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम कराया था। इसी परीक्षा के परिणाम अब जारी किए गए हैं।

री-एग्जाम के बाद छात्रों की उम्मीद थी कि परिणाम प्रक्रिया स्पष्ट और संतोषजनक होगी। लेकिन अब कुछ विद्यार्थियों की शिकायत है कि उन्हें अपेक्षित अंक नहीं मिले। छात्रों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी चिंताएं साझा की हैं।

छात्रों का कहना है कि NTA को परिणामों से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए और यदि किसी प्रकार की तकनीकी या मूल्यांकन संबंधी समस्या है तो उसे दूर किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि मेडिकल प्रवेश जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में छात्रों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

वहीं, परीक्षा एजेंसी की ओर से अभी तक छात्रों की इन शिकायतों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, NTA समय-समय पर यह स्पष्ट करता रहा है कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाती है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसी भी तरह की शिकायत आने पर संबंधित एजेंसी को छात्रों की चिंताओं को सुनना चाहिए और आवश्यक स्पष्टीकरण देना चाहिए।

छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि री-एग्जाम के परिणामों की समीक्षा की जाए और यदि कोई विसंगति सामने आती है तो उचित कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना जरूरी है।

फिलहाल NEET री-एग्जाम के नतीजों को लेकर छात्रों में असंतोष बना हुआ है। अब सभी की नजर NTA की ओर से आने वाले स्पष्टीकरण और आगे की कार्रवाई पर है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी चिंताओं का समाधान जल्द किया जाएगा, ताकि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।

Tags:    

Similar News