बेंगलुरु। अपने ही पिता से लाखों रुपये ऐंठने के लिए खुद के अपहरण का नाटक रचने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 40 वर्षीय मनीष पटेल ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी तैयार की और अपने पिता से 90 लाख रुपये की मांग कर डाली। हालांकि उसकी योजना ज्यादा समय तक नहीं चल सकी और राजराजेश्वरी नगर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मनीष और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड मनीष पटेल ही था। उसने अपने 62 वर्षीय पिता मनोहर पटेल से बड़ी रकम हासिल करने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई। इसके लिए उसने अपने दो साथियों को भी योजना में शामिल किया।
घटना की शुरुआत 28 सितंबर को हुई। पुलिस के अनुसार मनीष अपने पिता से यह कहकर घर से निकला था कि उसे पैसों से जुड़े कुछ काम के सिलसिले में गदग जिले जाना है। पिता को उस समय अपने बेटे की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
घर से निकलने के बाद मनीष कथित तौर पर अपने साथियों के संपर्क में रहा और खुद के अपहरण की कहानी को आगे बढ़ाया। योजना इस तरह तैयार की गई कि परिवार को लगे कि मनीष वास्तव में किसी गिरोह के कब्जे में है और उसकी सुरक्षित रिहाई के लिए बड़ी रकम देनी पड़ेगी।
इसके बाद मनीष के पिता से 90 लाख रुपये की मांग की गई। इतनी बड़ी रकम की मांग सामने आने के बाद परिवार के लिए मामला गंभीर हो गया। अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता के सामने ऐसी स्थिति पैदा की गई, जिससे उन्हें लगे कि पैसे नहीं देने पर उनके बेटे को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद राजराजेश्वरी नगर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर इसे अपहरण और फिरौती की मांग से जुड़े मामले के रूप में देखा गया। पुलिस के लिए सबसे पहली प्राथमिकता मनीष का पता लगाना और उसे सुरक्षित बरामद करना था।
जांच के दौरान पुलिस ने मनीष की गतिविधियों और उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की। धीरे-धीरे मामले में ऐसी बातें सामने आने लगीं, जिनसे कथित अपहरण की कहानी पर संदेह पैदा हुआ। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।
पुलिस ने तकनीकी और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर मनीष और उसके साथियों का पता लगाने की कोशिश की। जांच आगे बढ़ने के साथ कथित अपहरण की पूरी कहानी खुलती चली गई। पुलिस को पता चला कि जिस व्यक्ति को अपहृत समझकर तलाश किया जा रहा था, वह वास्तव में अपने साथियों के साथ मौजूद था।
पुलिस जब मनीष तक पहुंची तो कथित अपहरण की कहानी का पर्दाफाश हो गया। बताया गया कि वह अपने साथियों के साथ आराम से बैठा मिला। इसके बाद पुलिस ने मनीष और उसके दोनों साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि मनीष ने ही अपने अपहरण का नाटक रचा था। उसका मकसद अपने पिता से 90 लाख रुपये हासिल करना था। इसके लिए उसने अपने साथियों की मदद ली और परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उसका अपहरण हो चुका है।
पुलिस ने मामले में मनीष पटेल के साथ उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि योजना कब तैयार की गई थी और इसमें दोनों साथियों को क्या जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि 90 लाख रुपये की रकम ही क्यों तय की गई और आरोपियों ने फिरौती की मांग परिवार तक किस माध्यम से पहुंचाई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि कथित अपहरण की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि जिस व्यक्ति के अपहरण की बात कही जा रही थी, उसी ने रची थी। आरोप के मुताबिक मनीष ने अपने पिता की चिंता का फायदा उठाकर उनसे बड़ी रकम हासिल करने की योजना बनाई।
पुलिस की समय पर कार्रवाई से न केवल कथित अपहरण की कहानी का खुलासा हुआ, बल्कि 90 लाख रुपये की मांग के पीछे की वास्तविक योजना भी सामने आ गई। अगर पुलिस जांच में कथित अपहरण को वास्तविक मानकर केवल फिरौती की दिशा में आगे बढ़ती, तो आरोपियों की योजना को समझने में अधिक समय लग सकता था।
पुलिस अब गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी या घर से निकलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। साथ ही इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि इस कथित साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
मनीष ने 28 सितंबर को अपने पिता से गदग जिले जाने की बात कही थी। पैसों से जुड़े काम का हवाला देकर घर से निकलना भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गदग जाने की बात केवल परिवार को गुमराह करने के लिए कही गई थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
मामले के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आरोपी को इतनी बड़ी रकम की जरूरत क्यों थी। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
राजराजेश्वरी नगर पुलिस ने फिलहाल कथित मास्टरमाइंड मनीष पटेल और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अपने पिता से 90 लाख रुपये हासिल करने के लिए कथित तौर पर खुद के अपहरण का नाटक रचने की यह घटना असामान्य तरीके के कारण चर्चा में है। पुलिस जांच में जैसे ही कथित अपहृत व्यक्ति अपने साथियों के साथ सुरक्षित मिला, पूरी कहानी पलट गई। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस योजना को किस तरह तैयार किया गया और इसमें तीनों आरोपियों की क्या-क्या भूमिका रही।
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