इडुक्की। केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) में अपनी 18 साल की सेवा पूरी करने के बाद रिटायर हुए ड्राइवर पॉल कुरियन की विदाई का भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नौकरी के आखिरी दिन पॉल ने जिस तरह अपनी बस को विदाई दी, उसने हर किसी का दिल छू लिया।
रिटायरमेंट से पहले अपनी आखिरी ट्रिप पूरी करने के बाद पॉल ने बस के टायरों को चूमा, फिर दोनों हाथों से बस के अगले हिस्से को छुआ और भावुक होकर अपनी आंखों से आंसू पोंछे। इसके बाद उन्होंने उस बस को अलविदा कहा, जिसके साथ उन्होंने अपनी जिंदगी के करीब दो दशक बिताए थे।
आखिरी सफर बना यादगार
56 वर्षीय पॉल कुरियन, इडुक्की जिले के कट्टाप्पना के कैराली के रहने वाले हैं। उन्होंने KSRTC में इडुक्की और कट्टाप्पना डिपो में करीब 18 वर्षों तक बतौर ड्राइवर सेवाएं दीं।
नौकरी के आखिरी दिन जब उन्होंने अपनी अंतिम यात्रा पूरी की तो उनके लिए यह सिर्फ एक ड्यूटी पूरी करना नहीं था, बल्कि जीवन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत था।
बस से उतरने के बाद उन्होंने जिस भावनात्मक अंदाज में उसे विदाई दी, वह वहां मौजूद लोगों के लिए भी यादगार बन गया।
बस के प्रति दिखा गहरा लगाव
पॉल कुरियन का बस के प्रति लगाव देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। उन्होंने बस को सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि अपनी सेवा यात्रा का साथी माना।
बस के टायरों को चूमना और उसके अगले हिस्से को हाथ लगाकर सम्मान देना उनके लिए इस सफर के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था।
उनके इस भावुक पल को किसी ने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो ने जीता लोगों का दिल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पॉल कुरियन को अपनी बस के साथ भावुक होते देखा जा सकता है। वीडियो में वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाते और आंखों से आंसू पोंछते नजर आते हैं।
वीडियो देखने वाले लोग उनके समर्पण और अपनी नौकरी के प्रति सम्मान की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
कई लोगों ने कहा कि यह दृश्य बताता है कि एक कर्मचारी और उसके कार्यस्थल के बीच कितना गहरा रिश्ता बन सकता है।
18 साल की सेवा का सफर
पॉल कुरियन ने KSRTC में लंबे समय तक यात्रियों की सेवा की। इस दौरान उन्होंने हजारों यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
एक बस ड्राइवर के रूप में उनकी जिम्मेदारी केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी उनकी प्राथमिकता रही।
18 साल तक एक ही विभाग में सेवा देना उनके समर्पण और मेहनत को दर्शाता है।
सहकर्मियों और यात्रियों ने दी शुभकामनाएं
पॉल की विदाई के दौरान उनके सहकर्मी और आसपास मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
सहकर्मियों ने उनके शांत व्यवहार, जिम्मेदारी और सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने पॉल को रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कई यात्रियों ने भी कहा कि ऐसे कर्मचारी संस्थानों की पहचान बनते हैं।
नौकरी से रिश्ता सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं
पॉल कुरियन की विदाई की तस्वीर यह संदेश देती है कि किसी व्यक्ति का अपने काम से रिश्ता सिर्फ नौकरी और वेतन तक सीमित नहीं होता।
लंबे समय तक किसी स्थान पर काम करने से भावनात्मक जुड़ाव बन जाता है। यही वजह है कि रिटायरमेंट का समय कई लोगों के लिए खुशी के साथ-साथ भावुक पल भी लेकर आता है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की सराहना
वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पॉल कुरियन की भावनाओं की सराहना की।
लोगों ने कहा कि उनका अपनी बस के प्रति सम्मान और लगाव प्रेरणादायक है। कई यूजर्स ने इसे एक सच्चे कर्मचारी की पहचान बताया।
KSRTC ड्राइवर पॉल कुरियन की यह भावुक विदाई अब सोशल मीडिया पर सेवा, समर्पण और अपने काम के प्रति सम्मान की मिसाल बन गई है। 18 साल के सफर के बाद बस को अलविदा कहने का उनका अंदाज लोगों के दिलों में जगह बना गया।