CM सिद्धरमैय्या ने कहा, "हैदराबाद-कर्नाटक के लिए अलग सचिवालय स्थापित किया गया"
Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री सिद्धरमैय्या ने हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के लिए अलग सचिवालय स्थापित किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और प्रशासनिक सुगमता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस कदम के पीछे आर्टिकल 371J का कार्यान्वयन है। सिद्धरमैय्या ने कहा, "हम देखेंगे; हम इसका अध्ययन करेंगे। हमने हैदराबाद-कर्नाटक के लिए अलग सचिवालय स्थापित किया है। इसका कारण यह है कि हमने आर्टिकल 371J को लागू किया। 371J के संवैधानिक संशोधन को पूरा किया जा चुका है और हमने आवश्यक निर्णय भी ले लिए हैं। यह कार्य मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान किया गया था।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के लिए अलग सचिवालय की स्थापना का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाना और क्षेत्रीय विकास को तेज करना है। इससे स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा और विकास योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन किया जा सकेगा। सिद्धरमैय्या ने यह भी बताया कि आर्टिकल 371J के तहत हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा दिया गया है। इसके तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक संशोधन और सचिवालय की स्थापना से क्षेत्र के लोगों को सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से कर्नाटक सरकार का क्षेत्रीय विकास के प्रति गंभीर रुख सामने आता है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र लंबे समय से पिछड़ा हुआ माना जाता रहा है, और ऐसे प्रयास इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनता से अपील की कि वे सचिवालय के माध्यम से अपने सुझाव और समस्याएं साझा करें ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र का विकास तेजी से हो और वहां के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
इस प्रकार, कर्नाटक के CM सिद्धरमैय्या ने हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के लिए अलग सचिवालय की स्थापना और आर्टिकल 371J के कार्यान्वयन की जानकारी दी। उनका यह बयान राज्य के प्रशासनिक सुधार और क्षेत्रीय विकास के प्रयासों को दर्शाता है।