बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सोमवार को विधान सौधा के बाहर कुछ देर तक अपनी सरकारी गाड़ी के ड्राइवर का इंतजार करते नजर आए। मुख्यमंत्री अपने काम से विधान सौधा के वेस्ट गेट से बाहर निकले थे और जब वह अपनी सरकारी गाड़ी के पास पहुंचे तो ड्राइवर वहां मौजूद नहीं था।

ड्राइवर के नहीं पहुंचने के कारण मुख्यमंत्री करीब पांच मिनट तक गाड़ी के पास खड़े रहे। इस दौरान उनके निजी स्टाफ ने अधिकारियों से संपर्क कर दूसरी गाड़ी की व्यवस्था करने को कहा। कुछ ही देर बाद वैकल्पिक व्यवस्था की गई।

ड्राइवर के इंतजार में खड़े रहे मुख्यमंत्री

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सोमवार को विधान सौधा में अपने आधिकारिक कामकाज के लिए पहुंचे थे। काम पूरा करने के बाद वह वेस्ट गेट से बाहर आए और अपनी निर्धारित सरकारी गाड़ी की ओर बढ़े।

हालांकि, गाड़ी तैयार होने के बावजूद उसका ड्राइवर मौके पर मौजूद नहीं था। मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद भी जब ड्राइवर नहीं आया तो उन्हें कुछ समय तक वहीं इंतजार करना पड़ा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसी तरह की नाराजगी जाहिर नहीं की और सामान्य तरीके से स्थिति को संभाला। उनके स्टाफ ने तुरंत अधिकारियों से संपर्क कर दूसरी गाड़ी की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

आम लोगों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

मुख्यमंत्री के गाड़ी के पास इंतजार करने के दौरान आसपास मौजूद आम लोगों को उनसे मिलने का मौका मिला। कई लोग मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और अपनी समस्याएं व शिकायतें उनके सामने रखीं।

लोगों ने स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक परेशानियों और अन्य मामलों को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत की। डीके शिवकुमार ने लोगों की बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों तक उनकी समस्याएं पहुंचाने का भरोसा दिया।

सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था पर चर्चा

मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था पहले से तय रहती है। ऐसे में ड्राइवर के समय पर मौजूद नहीं होने की घटना ने कुछ देर के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।

हालांकि, घटना के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और मुख्यमंत्री के स्टाफ ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था कर दी।

सीएम ने नहीं दिखाई नाराजगी

घटना के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शांत नजर आए। उन्होंने ड्राइवर की देरी को लेकर मौके पर कोई टिप्पणी नहीं की। उनके व्यवहार को लेकर वहां मौजूद लोगों ने भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।

प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और आवागमन के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि मुख्यमंत्री के आने-जाने के समय सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी रहें। ऐसे में ड्राइवर का समय पर मौजूद नहीं होना एक छोटी प्रशासनिक चूक के रूप में देखा जा रहा है।

जनता से जुड़ने का मिला मौका

जहां एक ओर मुख्यमंत्री को कुछ मिनट इंतजार करना पड़ा, वहीं इस दौरान आम लोगों को सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का मौका मिल गया।

कई बार सुरक्षा घेरे और व्यस्त कार्यक्रमों के कारण आम लोगों की मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाती, लेकिन इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

आगे व्यवस्था सुधारने की उम्मीद

घटना के बाद संभावना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

फिलहाल यह घटना कुछ मिनटों की देरी तक सीमित रही। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्थिति को सहज तरीके से संभाला और इस दौरान लोगों से बातचीत भी की। घटना के बाद प्रशासनिक तैयारियों और प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर चर्चा जरूर शुरू हो गई है।

Tags: