बेंगलुरु। बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से बेलगाम की हिंडालगा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने का फैसला वापस ले लिया गया है। जेल अधिकारियों ने शुक्रवार शाम को यह निर्णय लिया। इससे पहले जेल और सुधार सेवा विभाग ने प्रज्वल रेवन्ना को बेलगाम जेल भेजने का आदेश जारी किया था। यह आदेश उनके कमरे से मोबाइल फोन मिलने की जानकारी सामने आने के बाद दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानांतरण का आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद अधिकारियों ने इसे रद्द कर दिया। अब प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में ही रहेंगे। हालांकि, जेल स्थानांतरण का आदेश वापस लेने के पीछे अधिकारियों ने क्या कारण बताया है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कमरे में मोबाइल फोन मिलने के बाद हुई थी कार्रवाई
प्रज्वल रेवन्ना के कमरे में मोबाइल फोन मिलने की सूचना के बाद जेल प्रशासन ने कार्रवाई की थी। जेल और सुधार सेवा विभाग ने उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित करने का फैसला लिया। इसके तहत उन्हें बेलगाम स्थित हिंडालगा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश जारी किया गया था।
जेल के भीतर मोबाइल फोन मिलना सुरक्षा व्यवस्था और जेल नियमों के पालन से जुड़ा गंभीर विषय माना जाता है। जेल परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं की मौजूदगी को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि वे मामले की जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई करें।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मोबाइल फोन कहां से आया था, उसका इस्तेमाल किसने किया और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आई या नहीं। इन पहलुओं पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कुछ घंटों में बदल गया फैसला
शुक्रवार को प्रज्वल रेवन्ना को हिंडालगा जेल भेजने का आदेश जारी होने के बाद कुछ ही घंटों में उसे रद्द कर दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में ही रखने का फैसला किया।
इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर स्थानांतरण का आदेश वापस लेने की वजह क्या रही। फिलहाल इस बारे में कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए आदेश रद्द किए जाने के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
हिंडालगा सेंट्रल जेल बेलगाम में स्थित है, जबकि परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल बेंगलुरु में है। दोनों जेलों के बीच दूरी को देखते हुए स्थानांतरण की प्रक्रिया में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
बलात्कार के मामले में काट रहे हैं उम्रकैद की सजा
प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक के हासन से पूर्व सांसद हैं। उन्हें बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहे हैं।
उनका मामला कर्नाटक में लंबे समय तक चर्चा में रहा। हालांकि, वर्तमान घटनाक्रम का संबंध उनके जेल में रहने और मोबाइल फोन मिलने की सूचना के बाद किए गए प्रशासनिक फैसले से है।
इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से पहले स्थानांतरण का आदेश दिया गया और फिर उसे वापस ले लिया गया। फिलहाल यह स्पष्ट है कि उन्हें बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में ही रखा जाएगा।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ सकते हैं सवाल
जेल में मोबाइल फोन मिलने की सूचना के बाद स्थानांतरण का आदेश जारी होना और फिर उसे रद्द कर दिया जाना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल पैदा करता है। जेलों में कैदियों की निगरानी, प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
हालांकि, केवल मोबाइल फोन मिलने की सूचना के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई। इसके लिए घटना की परिस्थितियों, फोन की बरामदगी और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी जरूरी होगी।
इसी तरह, स्थानांतरण के आदेश को वापस लेने के पीछे प्रशासनिक, सुरक्षा संबंधी या अन्य कारण थे या नहीं, इसकी पुष्टि भी आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल बेंगलुरु जेल में ही रहेंगे प्रज्वल
शुक्रवार को सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, प्रज्वल रेवन्ना को बेलगाम की हिंडालगा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने का फैसला रद्द कर दिया गया है। वह परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में ही रहेंगे।
फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम घटनाक्रम स्थानांतरण के आदेश का कुछ ही घंटों में वापस लिया जाना है। मोबाइल फोन मिलने की सूचना के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें दूसरी जेल भेजने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया। इस फैसले के पीछे की वजह और मोबाइल फोन मिलने से जुड़े अन्य तथ्यों पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।