बेंगलुरु: राज्य में पुलिस सेवाओं और भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए गृह विभाग ने दो एक्सपर्ट कमेटियां बनाई हैं। इन कमेटियों को सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया गया है।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि पूर्व DGP आर.के. दत्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी, जिसमें मौजूदा पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे, पुलिस सेवाओं की पूरी तरह से समीक्षा करेगी और उन्हें ज़्यादा असरदार, पारदर्शी और जनता के अनुकूल बनाने के उपाय सुझाएगी।
यह कमेटी FIR दर्ज करने, शिकायतों पर कार्रवाई, इमरजेंसी रिस्पॉन्स, खोई हुई चीज़ों की रिपोर्टिंग, साइबर क्राइम की शिकायतों, मंज़ूरी और सर्टिफिकेट जैसी सेवाओं की जांच करेगी और उनकी उपलब्धता, क्वालिटी और डिलीवरी में लगने वाले समय का आकलन करेगी।
यह पैनल पुलिस विभाग के अंदरूनी कामकाज की भी जांच करेगा, कमियों की पहचान करेगा और कार्यक्षमता और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए संस्थागत और तकनीकी उपाय सुझाएगा।
खड़गे ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग को मज़बूत करना भी एक मुख्य फोकस होगा। कमेटी बीट पुलिसिंग और नियमित कम्युनिटी मीटिंग्स के ज़रिए पुलिस और नागरिकों के बीच बातचीत को बेहतर बनाने के तरीकों पर अध्ययन करेगी।
यह 'सिटिज़न चार्टर' शुरू करने की भी जांच करेगी, जिसमें नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं, उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं और उन्हें देने में लगने वाले समय का ब्योरा होगा। कमेटी पुलिस कर्मियों के लिए नियमित ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण के उपायों की सिफारिश करेगी, साथ ही 'की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स' (KPIs) भी विकसित करेगी।