बेंगलुरु में गड्ढे ने ली पत्रकार की परीक्षा, सड़क पर पैर फंसने से टखने में हेयरलाइन फ्रैक्चर
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई है। शहर की सड़कों पर बने गड्ढे अब लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला काडुगोडी ट्री पार्क मेट्रो स्टेशन के पास सामने आया, जहां सड़क पर बने गड्ढे में पैर फंसने से एक फीचर जर्नलिस्ट घायल हो गईं।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10 बजे के बाद फीचर जर्नलिस्ट श्रुति हेमाचंद्रन MIMS गुलमोहर रोड से गुजर रही थीं। इसी दौरान सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में उनका पैर फंस गया और वह अचानक गिर गईं। हादसे में उनके टखने में चोट आई, जिसके बाद जांच में डॉक्टरों ने हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि की।
डॉक्टरों ने श्रुति को करीब तीन हफ्ते आराम करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि हादसे के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं होने के कारण वह मोबाइल फोन की टॉर्च की मदद से रास्ता देख रही थीं। इसी दौरान अंधेरे में उनका पैर गड्ढे में चला गया और टखना मुड़ गया।
श्रुति ने घटना के बाद सड़क की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि काडुगोडी ट्री पार्क मेट्रो स्टेशन तक जाने वाली सड़क की हालत काफी खराब है। इस रास्ते का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में पैदल यात्री करते हैं। इसके अलावा यहां दोपहिया वाहनों की पार्किंग भी होती है, जिससे लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर मौजूद गड्ढे और खराब फुटपाथ लंबे समय से समस्या बने हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि रात के समय रोशनी की कमी के कारण हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
बेंगलुरु में खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या कोई नई बात नहीं है। शहर में बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें टूट जाती हैं और गड्ढे बन जाते हैं। इन गड्ढों के कारण पैदल यात्रियों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ, पर्याप्त रोशनी और बेहतर सड़क व्यवस्था भी जरूरी है। खासकर मेट्रो स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास इन सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
श्रुति के साथ हुई घटना ने एक बार फिर शहर के बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट सिटी और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के दावों के बीच सड़क और फुटपाथ की स्थिति में सुधार जरूरी है।
काडुगोडी इलाके के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब सड़कों की मरम्मत जल्द की जाए। साथ ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई है।
नगर प्रशासन के सामने चुनौती है कि शहर में बढ़ती आबादी और यातायात दबाव के बीच सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाया जाए। लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं के बाद लोगों की उम्मीद है कि संबंधित विभाग गड्ढों को भरने और सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए तेजी से कदम उठाएंगे।
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में जहां लाखों लोग रोजाना पैदल, मेट्रो और निजी वाहनों से यात्रा करते हैं, वहां सुरक्षित सड़क व्यवस्था बेहद जरूरी है। श्रुति हेमाचंद्रन के साथ हुआ हादसा इस बात की याद दिलाता है कि छोटी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
फिलहाल श्रुति इलाज और आराम पर हैं, लेकिन उनकी घटना ने शहर की सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।