बेंगलुरु में गैस सिलेंडर से भीषण धमाका, 9 साल के बच्चे समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलसे
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शनिवार सुबह गैस सिलेंडर से जुड़ी दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। राजराजेश्वरी नगर पुलिस थाना क्षेत्र में एलपीजी गैस रिसाव के बाद अचानक आग भड़कने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में बिहार के रहने वाले बबलू, उनकी पड़ोसी लक्ष्मम्मा और नौ साल का एक बच्चा घायल हुए हैं। तीनों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं तथा स्थिति को नियंत्रित किया। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव के कारण अचानक आग भड़कने की आशंका जताई गई है।
यह घटना शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह हुई। स्थानीय जानकारी के अनुसार, गैस एक बंद परिसर में जमा हो गई थी। सुबह परिसर का दरवाजा खोले जाने के दौरान अचानक आग की लपटें बाहर निकलीं। इस घटना में वहां मौजूद तीन लोग आग की चपेट में आ गए। हालांकि, गैस रिसाव और आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
सुबह अचानक आग लगने से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, राजराजेश्वरी नगर इलाके में शनिवार सुबह सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान एक परिसर में अचानक आग भड़कने से आसपास मौजूद लोग घबरा गए।
आग की लपटें तेजी से बाहर आने के कारण वहां मौजूद तीन लोग झुलस गए। इनमें बबलू, लक्ष्मम्मा और एक नौ वर्षीय बच्चा शामिल हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल सहायता के लिए पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा एलपीजी गैस रिसाव से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, सिलेंडर में वास्तव में विस्फोट हुआ था या जमा गैस के अचानक जलने से आग का गोला बना, इस अंतर की तकनीकी जांच आवश्यक है।
बिहार का रहने वाला है घायल बबलू
हादसे में घायल बबलू मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया गया है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, वह पिछले करीब दो दशक से बेंगलुरु में रहकर कारोबार कर रहा है।
बबलू पानीपुरी बेचने का व्यवसाय करता है। वह शहर के एक अन्य हिस्से में रहता है, लेकिन राजराजेश्वरी नगर स्थित परिसर का इस्तेमाल अपने कारोबार के सामान रखने और तैयारी करने के लिए करता था।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इसी परिसर में व्यावसायिक उपयोग का एलपीजी सिलेंडर रखा हुआ था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ होगा। परिसर बंद होने के कारण गैस भीतर जमा हो गई।
हालांकि, इस घटनाक्रम की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
दरवाजा खोलते ही बाहर निकलीं आग की लपटें
घटना से जुड़ी प्रारंभिक स्थानीय जानकारी के मुताबिक, बबलू शनिवार सुबह अपने सामान रखने वाले परिसर में पहुंचा था।
जब उसने परिसर का दरवाजा खोला, तभी अचानक आग की तेज लपटें बाहर निकलीं।
आशंका है कि रातभर जमा गैस किसी ज्वलन स्रोत के संपर्क में आने से अचानक भड़क गई।
आग की चपेट में बबलू के अलावा बाहर मौजूद उसकी पड़ोसी लक्ष्मम्मा और नौ साल का बच्चा भी आ गए।
स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद तत्काल राहत पहुंचाने का प्रयास किया। तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना के इस संभावित क्रम की जानकारी एक स्थानीय ऑनलाइन रिपोर्ट में सामने आई है, लेकिन विस्तृत आधिकारिक पुलिस बयान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है।
निजी अस्पताल में तीनों का इलाज जारी
हादसे में घायल बबलू, लक्ष्मम्मा और नौ साल के बच्चे को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तीनों के शरीर पर आग से झुलसने के कारण चोटें आने की जानकारी है।
हालांकि, किस व्यक्ति के शरीर का कितना हिस्सा झुलसा है और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति कितनी गंभीर है, इसकी विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
डॉक्टरों की ओर से आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी होने के बाद घायलों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
विशेष रूप से बच्चे को लगी चोटों की गंभीरता और उपचार के संबंध में भी अस्पताल की पुष्टि आवश्यक है।
दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित करने और आग पर नियंत्रण पाने की कार्रवाई की।
इसके बाद आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, ताकि किसी अन्य संभावित खतरे का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित प्रारंभिक जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि गैस रिसाव कहां से हुआ और आग किस कारण भड़की।
इसके अलावा सिलेंडर, रेगुलेटर और गैस पाइप से संबंधित तकनीकी स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
बंद कमरे में गैस जमा होना खतरनाक
एलपीजी गैस से जुड़ी दुर्घटनाओं में बंद स्थानों पर गैस जमा होना एक गंभीर खतरा माना जाता है।
यदि किसी सिलेंडर, रेगुलेटर या पाइप से गैस का रिसाव होता है और पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं है, तो गैस कमरे के भीतर जमा हो सकती है।
ऐसी स्थिति में बिजली की चिंगारी, खुली आग या किसी अन्य ज्वलन स्रोत के संपर्क में आने पर अचानक आग लग सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटना में कमरे के भीतर जमा गैस एक साथ जलने से तेज लपटें निकल सकती हैं।
हालांकि, राजराजेश्वरी नगर की घटना में आग लगने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गैस सिलेंडर के सुरक्षित इस्तेमाल की जरूरत
इस हादसे ने घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के सुरक्षित इस्तेमाल की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है।
विशेष रूप से उन परिसरों में सावधानी जरूरी है, जहां व्यावसायिक गतिविधियों के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग होता है।
गैस सिलेंडर को पर्याप्त हवादार स्थान पर रखना चाहिए। रेगुलेटर, पाइप और अन्य उपकरणों की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण है।
यदि गैस की गंध महसूस हो, तो बिजली के स्विच, मोबाइल चार्जर या आग उत्पन्न करने वाले किसी उपकरण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में सुरक्षित होने पर गैस आपूर्ति बंद करके दरवाजे-खिड़कियां खोलने और संबंधित गैस आपूर्तिकर्ता या आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने की सलाह दी जाती है।
बेंगलुरु में पहले भी हो चुके हैं गैस रिसाव के हादसे
बेंगलुरु में अक्टूबर महीने के दौरान गैस रिसाव से जुड़ी एक अन्य गंभीर दुर्घटना भी सामने आई थी।
दो अक्टूबर को नयनदहल्ली के विनायक लेआउट में एक घर में एलपीजी गैस रिसाव के बाद आग लगने से एक ही परिवार के छह सदस्य झुलस गए थे।
बाद में सात अक्टूबर को उपचार के दौरान लक्ष्मम्मा नामक महिला और उसकी तीन वर्षीय बेटी गिरिजा की मौत हो गई थी।
उस घटना की जांच चंद्रा लेआउट थाना पुलिस ने की थी। हालांकि, वह राजराजेश्वरी नगर की वर्तमान घटना से अलग मामला था।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा हादसे का कारण
राजराजेश्वरी नगर की घटना में तीन लोगों के घायल होने के बाद पुलिस जांच जारी है।
अधिकारियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि गैस का रिसाव किस स्थान से हुआ और परिसर के भीतर आग किस कारण भड़की।
इसके अलावा जांच में यह भी देखा जा सकता है कि वहां इस्तेमाल किए जा रहे एलपीजी उपकरणों की स्थिति क्या थी और आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
फिलहाल तीनों घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना में किसी की मौत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस और दमकल विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह और किसी संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।