Kharge ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया, 38.80 करोड़ की संपत्ति का किया खुलासा
Karnataka कर्नाटक: इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक से होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस ने कर्नाटक से तीन उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान शामिल हैं। राज्यसभा चुनाव 18 जून को होने हैं।
नामांकन दाखिल करने के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव अधिकारी के समक्ष अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने शपथपत्र (एफिडेविट) में कुल चल और अचल संपत्तियों की जानकारी दी, जिसमें उनकी कुल संपत्ति लगभग 38.80 करोड़ रुपये बताई गई है।
एफिडेविट के अनुसार, खड़गे के पास कुल 6.59 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर लगभग 4.41 करोड़ रुपये की चल संपत्ति दर्ज है। बैंक खातों में मौजूद धनराशि की बात करें तो खड़गे के विभिन्न बैंकों में लगभग 5.25 करोड़ रुपये जमा हैं। वहीं उनकी पत्नी के खातों में करीब 2.84 करोड़ रुपये की राशि है।
इसके अलावा, खड़गे ने अपने नाम पर 54.15 लाख रुपये के सोने के आभूषणों का भी उल्लेख किया है। उनकी पत्नी राधा बाई खड़गे के पास लगभग 1.50 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के गहने हैं। संपत्ति के विवरण में रियल एस्टेट और अन्य अचल संपत्तियों को मिलाकर कुल मूल्यांकन 38.80 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।
कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दाखिल किए गए नामांकन के साथ उनकी राजनीतिक भूमिका और संपत्ति विवरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पार्टी ने इस चुनाव में उन्हें एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उतारा है, जो राज्यसभा में कांग्रेस के प्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि खड़गे का नामांकन कांग्रेस के संगठनात्मक संतुलन और कर्नाटक में पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। पार्टी ने जिन तीन उम्मीदवारों की घोषणा की है, उससे यह साफ है कि वह राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने और प्रभाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान खड़गे ने सभी आवश्यक औपचारिकताओं का पालन किया और चुनाव आयोग को संपत्ति, देनदारियों और वित्तीय विवरण की पूरी जानकारी दी।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि खड़गे का अनुभव और वरिष्ठता पार्टी के लिए राज्यसभा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं उनके संपत्ति विवरण ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा को जन्म दिया है।
आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, क्योंकि विभिन्न दल अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में रणनीति बना रहे हैं।