Karnataka : परमानेंट रेजिडेंस सर्टिफिकेट प्रक्रिया आसान, नया ऑपरेशनल फ्रेमवर्क लागू

Update: 2026-06-30 06:54 GMT

Karnataka कर्नाटक: सरकार ने राज्य में परमानेंट रेजिडेंस सर्टिफिकेट (PRC) को समय पर और आसान तरीके से जारी करने के लिए एक नया ऑपरेशनल फ्रेमवर्क लागू किया है। इस संबंध में जारी आदेश 29 जून 2026 को राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार कटारिया के डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से जारी किया गया। सरकार के इस कदम का उद्देश्य नागरिकों को प्रमाणपत्र सेवाएं तेज, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराना है।

सरकारी आदेश के अनुसार अब योग्य नागरिकों को परमानेंट रेजिडेंस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। साथ ही अन्य सरकारी प्रमाणपत्रों और नागरिक सेवाओं के लिए भी मौजूदा नियमों और सर्कुलरों के अनुसार प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में समय और प्रक्रिया दोनों में राहत मिलेगी।

परमानेंट रेजिडेंस सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसका उपयोग शिक्षा संस्थानों में प्रवेश, सरकारी नौकरियों में भर्ती, छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न सरकारी नीतियों के लाभ लेने में किया जाता है। इसकी उपयोगिता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे कर्नाटक सकल सेवा अधिनियम, 2011 के तहत अधिसूचित सेवा के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया है।

इस नए फ्रेमवर्क के तहत राज्य भर में सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय में कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटिंग और स्कैनिंग जैसी सुविधाओं से लैस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया में मदद करना और दस्तावेजों के सत्यापन को सरल बनाना है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नागरिक अब सेवा सिंधु पोर्टल, अटल जनस्नेही केंद्र (AJSK) पोर्टल या सरकार द्वारा अधिकृत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से परमानेंट रेजिडेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी।

अधिकारियों के अनुसार इस प्रणाली के लागू होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी। खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब प्रमाणपत्र प्राप्त करने में पहले जैसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार का कहना है कि इस सुधार से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। डिजिटल आवेदन प्रणाली के जरिए आवेदनों की निगरानी आसान होगी और समयबद्ध तरीके से सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।

इसके अलावा, नए ढांचे में आवेदन प्रक्रिया को अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया है ताकि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के अपने दस्तावेजों के लिए आवेदन कर सकें। सहायता केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आवेदकों को सही मार्गदर्शन दे सकें।

राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। साथ ही विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।

कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार द्वारा लागू किया गया यह नया ऑपरेशनल फ्रेमवर्क नागरिक सेवाओं को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे परमानेंट रेजिडेंस सर्टिफिकेट जैसी आवश्यक सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ हो सकेंगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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