Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) में एक नकली खरीद घोटाले का मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि BMTC के कुछ कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्पेयर पार्ट्स की नकली सप्लाई दिखाकर वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम दिया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मामला गजानन इंजीनियरिंग वर्क्स के माध्यम से सामने आया, जिसमें मेसर्स बानी ऑटो इंडस्ट्रीज के नाम पर फर्जी सप्लाई रसीदें और बिल तैयार किए गए। इन दस्तावेजों में यह दिखाया गया कि स्पेयर पार्ट्स सेंट्रल वर्कशॉप में डिलीवर किए गए हैं, जबकि वास्तविकता में कोई भी सामग्री वहां पहुंची ही नहीं थी।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा फर्जीवाड़ा व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया और इसके जरिए कॉर्पोरेशन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। फर्जी इनवॉइस की कुल राशि लगभग ₹2.45 लाख बताई जा रही है, जिन्हें भुगतान मंजूरी के लिए अकाउंट्स विभाग को भेजा गया था।
विजिलेंस जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारियों ने उन स्पेयर पार्ट्स के लिए भी नकली गुड्स रिसीप्ट डॉक्यूमेंट तैयार किए, जिनकी कोई वास्तविक सप्लाई BMTC वर्कशॉप-1 को नहीं की गई थी। जांच में दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं पाई गईं।
मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर तुरंत जांच शुरू की गई और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। इसके बाद BMTC ने स्टोर्स, वर्कशॉप, अकाउंट्स और विजिलेंस विभाग से जुड़े कुल सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह निलंबन आगे की विस्तृत जांच तक प्रभावी रहेगा।
कॉर्पोरेशन अधिकारियों के अनुसार, यह मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है और इसमें शामिल सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
BMTC प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार या वित्तीय गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद विभागीय निगरानी व्यवस्था और बिलिंग प्रक्रिया की समीक्षा किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके।