चामराजनगर में वन विभाग और शिकारियों के बीच मुठभेड़, तीन संदिग्ध शिकारी ढेर
चामराजनगर। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक में वन विभाग और संदिग्ध शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत हो गई। घटना शाग्या के घने वन क्षेत्र में हुई, जहां वन अधिकारियों की टीम गश्त के दौरान अवैध शिकार की गतिविधियों को रोकने पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक, कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के वन अधिकारी नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें जंगल में कुछ लोगों के अवैध रूप से प्रवेश करने और जंगली जानवरों का शिकार करने की जानकारी मिली। वन टीम मौके पर पहुंची तो कथित तौर पर कुछ लोग शिकार किए गए जानवरों के मांस को अलग कर रहे थे।
आत्मसमर्पण के लिए कहा गया
वन अधिकारियों के अनुसार, मौके पर पहुंची टीम ने संदिग्ध शिकारियों को हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। अधिकारियों ने उन्हें कानून का पालन करने और बिना विरोध किए हिरासत में आने की अपील की।
हालांकि, आरोप है कि इस दौरान शिकारियों की ओर से वन कर्मचारियों पर गोलीबारी की गई। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत
मुठभेड़ के दौरान तीन संदिग्ध शिकारी मारे गए। मृतकों की पहचान हनूर तालुक के थॉमियार पाल्या निवासी एंटोनीस्वामी, कुमार और पीटर के रूप में हुई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक शिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए कोल्लेगल उपमंडल अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
वन अधिकारी भी घायल
इस घटना में वन विभाग का एक अधिकारी भी घायल हुआ है। घायल अधिकारी को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने बताया कि टीम के अन्य सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद पूरे इलाके की जांच की गई।
घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
अवैध शिकार रोकने के लिए अभियान
कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में वन विभाग समय-समय पर अवैध शिकार और जंगल में अवैध प्रवेश के खिलाफ अभियान चलाता है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाई जाती है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि जंगल में शिकार जैसी गतिविधियां वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध शिकारी किस जानवर का शिकार कर रहे थे और उनके पास कौन-कौन से हथियार मौजूद थे।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस समूह का किसी बड़े अवैध शिकार नेटवर्क से संबंध था या नहीं।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद शाग्या और आसपास के वन क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी तरह की अन्य अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों को भी जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत वन विभाग को देने की अपील की गई है।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर सख्ती
कर्नाटक के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। अवैध शिकार को रोकना वन विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
चामराजनगर की इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों को सामने ला दिया है। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।