Karnataka कर्नाटक: उपमुख्यमंत्री D.K. Shivakumar ने हाल ही में यह स्पष्ट किया कि राज्य के 14-15 निर्दलीय विधायकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन विधायकों को धमकियां दी जा रही हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार के ऑफ़र भी मिल रहे हैं, लेकिन उनका फर्ज़ है कि उन्हें पूरी सुरक्षा और सहयोग मुहैया कराए जाए।
डी.के. शिवकुमार ने कहा, "हमारा कर्तव्य है कि हम इन विधायकों का पूरा ध्यान रखें। उन्हें धमकियां दी गई हैं और उन्हें कई तरह के ऑफ़र भी मिले हैं। इसलिए हम उन्हें पूरी सुरक्षा देंगे।" उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि विधायकों ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए किसी भी राजनीतिक दबाव या 'ऑपरेशन लोटस' के प्रयासों का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया है।
उन्होंने आगे बताया कि ये सभी विधायक स्वतंत्र रूप से अपने मत का प्रयोग करेंगे और वे उस निर्दलीय उम्मीदवार को वोट देंगे, जिसे कम्युनिस्ट पार्टी, बीजेडी और कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त है। इस बयान से स्पष्ट हो गया कि राजनीतिक दलों द्वारा दबाव बनाने की कोशिशों के बावजूद निर्दलीय विधायक अपने फैसले पर कायम रहेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम विधानसभा में संभावित गठबंधन और सरकार गठन की प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। उपमुख्यमंत्री की यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि 'ऑपरेशन लोटस' जैसे अभियान हमेशा से विपक्षी दलों को प्रभावित करने के लिए चर्चित रहे हैं।
कर्नाटक में ऐसे संवेदनशील समय में विधायकों की सुरक्षा और उनके स्वतंत्र निर्णय की अहमियत और बढ़ जाती है। डी.के. शिवकुमार ने राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से भी आग्रह किया है कि विधायकों को किसी भी तरह की धमकी या अनुचित प्रभाव से सुरक्षित रखा जाए।