बेंगलुरु। कर्नाटक में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी की कार्रवाई मंत्री के अलावा उनकी बेटी और सांसद प्रियंका जारकीहोली तथा उनके साले मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर भी की गई है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बेलगावी में कई बार को कथित तौर पर अवैध तरीके से लाइसेंस जारी किए जाने से जुड़े मामले में की गई है। ईडी की अलग-अलग टीमें सुबह से संबंधित परिसरों पर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच में जुटी हैं।

सुबह-सुबह कई ठिकानों पर पहुंची ED

जानकारी के मुताबिक, बुधवार तड़के ईडी की टीमें एक साथ कई ठिकानों पर पहुंचीं। कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई। जिन परिसरों पर जांच की जा रही है, वहां दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

ईडी की इस कार्रवाई के दायरे में मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े परिसरों के अलावा उनके करीबी और रिश्तेदारों के ठिकाने भी बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही है।

सांसद प्रियंका जारकीहोली के ठिकानों पर भी कार्रवाई

सतीश जारकीहोली की बेटी और सांसद प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसरों पर भी ईडी की टीम पहुंची है। इसके अलावा मंत्री के साले मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, छापेमारी के दौरान अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी दिए जाने की संभावना है।

बार लाइसेंस से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला बेलगावी में कई बार को लाइसेंस जारी किए जाने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ बार को नियमों का उल्लंघन करते हुए कथित रूप से अवैध तरीके से लाइसेंस दिए गए।

ईडी अब इस मामले में संभावित आर्थिक लेन-देन और अन्य वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में किसी तरह की आर्थिक अनियमितता हुई थी या नहीं।

दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल

छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें बैंक खातों, संपत्ति और अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सकती हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है।

जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य कथित अनियमितताओं से जुड़े पैसे के प्रवाह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल

सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ मंत्री से जुड़े ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सतीश जारकीहोली राज्य सरकार के प्रमुख मंत्रियों में शामिल हैं। ऐसे में उनके और उनके परिवार से जुड़े परिसरों पर जांच एजेंसी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले समय में इस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल मंत्री या उनके परिवार की ओर से आरोपों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

ईडी की छापेमारी अभी जारी बताई जा रही है। इसलिए जांच में मिले दस्तावेजों, कथित बरामदगी या अन्य सामग्री को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एजेंसी की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई के दौरान कौन से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

जांच एजेंसी संबंधित लोगों से पूछताछ भी कर सकती है। इसके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश होगी कि बेलगावी में बार लाइसेंस जारी करने की कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही।

फिलहाल सतीश जारकीहोली, सांसद प्रियंका जारकीहोली और मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर हुई ईडी की कार्रवाई ने कर्नाटक की सियासत में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और इस मामले में सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी है।

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