बेंगलुरु। कर्नाटक में दशहरा के अवसर पर केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) यात्रियों को राज्य की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक कलाओं से रूबरू कराने जा रहा है। एयरपोर्ट पर 12 से 17 अक्टूबर तक छह दिनों के सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक कठपुतली कला को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘दसरा कठपुतली’ शो होगा, जिसे पद्म श्री से सम्मानित कठपुतली कलाकार अनुपमा होसाकेरे ने तैयार किया है।
यह शो एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 (T2) के अराइवल फोरकोर्ट में आयोजित होगा। इसके माध्यम से यात्रियों को दशहरा उत्सव के साथ कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने का अवसर मिलेगा। आयोजन में राज्य की पारंपरिक कठपुतली कला ‘थोगलु गोम्बेयाटा’ को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी प्रस्तुति 16 अक्टूबर को नौवीं पीढ़ी के कलाकार गुंडुराजु और उनकी टीम देगी।
‘थोगलु गोम्बेयाटा’ से दिखेगी कर्नाटक की पारंपरिक कला
इस सांस्कृतिक उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण ‘थोगलु गोम्बेयाटा’ कठपुतली कला की प्रस्तुति होगी। यह कर्नाटक की पारंपरिक छाया कठपुतली कला है, जिसमें चमड़े से बनी रंगीन कठपुतलियों की मदद से कहानियां प्रस्तुत की जाती हैं। रोशनी और पर्दे के जरिए कठपुतलियों की परछाइयां दिखाई जाती हैं, जिससे दर्शकों को एक अलग तरह का सांस्कृतिक अनुभव मिलता है।
इस कला की प्रस्तुति 16 अक्टूबर को नौवीं पीढ़ी के कलाकार गुंडुराजु और उनकी टीम करेगी। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा के जरिए यात्रियों को कर्नाटक की लोककला और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा।
एयरपोर्ट पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य केवल यात्रियों का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि उन्हें राज्य की सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़ना है। देश-विदेश से बेंगलुरु आने वाले यात्रियों के लिए यह उत्सव कर्नाटक की पारंपरिक कलाओं को करीब से देखने का अवसर बनेगा।
मैसूर दशहरा के लिए KSTDC की खास तैयारी
कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम (KSTDC) ने दशहरा के दौरान मैसूर आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष यात्रा इंतजाम किए हैं। मैसूर दशहरा राज्य के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोशनी की सजावट पर्यटकों को आकर्षित करती है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए KSTDC ने सात विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। इन पैकेजों के माध्यम से पर्यटकों को मैसूर दशहरा के अलावा राज्य के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देखने का अवसर मिलेगा। निगम ने रोशनी से सजे शहर का नजारा दिखाने के लिए अंबारी डबल डेकर बस सेवा की भी व्यवस्था की है।
इन इंतजामों का उद्देश्य दशहरा के दौरान मैसूर पहुंचने वाले यात्रियों को यात्रा के विकल्प उपलब्ध कराना और उन्हें उत्सव के विभिन्न आकर्षणों तक पहुंचने में मदद करना है। यात्रा की योजना बनाने वाले पर्यटक पैकेज, समय-सारणी और टिकट की उपलब्धता की जानकारी KSTDC से प्राप्त कर सकते हैं।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दशहरा उत्सव और मैसूर के लिए विशेष पर्यटन व्यवस्था, दोनों ही कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत को यात्रियों तक पहुंचाने के प्रयासों का हिस्सा हैं। एयरपोर्ट जैसे व्यस्त स्थान पर लोककलाओं की प्रस्तुति से उन यात्रियों को भी पारंपरिक कला देखने का मौका मिलता है, जो विशेष रूप से किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने नहीं आए हैं।
‘दसरा कठपुतली’ शो और ‘थोगलु गोम्बेयाटा’ की प्रस्तुति इस आयोजन को खास बनाएगी। अनुपमा होसाकेरे और गुंडुराजु जैसे कलाकारों की भागीदारी पारंपरिक कला रूपों को नई पीढ़ी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
दूसरी ओर, मैसूर के लिए विशेष टूर पैकेज और अंबारी बस सेवा पर्यटकों को दशहरा समारोह के दौरान यात्रा करने के अतिरिक्त विकल्प देती हैं।
कुल मिलाकर, 12 से 17 अक्टूबर तक बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित होने वाला सांस्कृतिक उत्सव यात्रियों को कर्नाटक की लोककलाओं से परिचित कराएगा। वहीं, मैसूर दशहरा के लिए KSTDC की विशेष पर्यटन व्यवस्थाएं उत्सव के दौरान पर्यटकों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित हैं।